मप्र के कई पत्रकार मिलकर ला रहे हैं ‘द सूत्र’, पंचलाइन है-हम सिर्फ भगवान से डरते हैं!

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मप्र में डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है. प्रदेश के तेजतर्रार पत्रकारों की टीम ‘द सूत्र’ नामक वेंचर लांच करने की तैयारी शुरू कर दी है. मप्र की नब्ज पर गहरी पकड़ रखने वाले पत्रकार आनंद पाण्डे, हरीश दिवेकर, सुनील शुक्ला, चक्रेश महोबिया, अतुल तिवारी, विजय माडग़े और अमित पाठे जैसे पत्रकार ‘द सूत्र’ के नाम से बड़ा डिजिटल प्लेटफार्म ला रहे हैं. इनका अपना न्यूज एप और यूट्यूब चैनल होगा.

इनकी पंचलाईन है- हम सिर्फ भगवान से डरते हैं!

खबरों को सरकारी दबाव से मुक्त करने और विश्वसनीय बनाने के लिए इस टीम ने सरकारी विज्ञापन नहीं लेने का साहसिक और जोखिम भरा फैसला किया है. चैनल का खर्चा क्राउड फडिंग से निकाला जाएगा. भोपाल के एमपी नगर में एक बड़ा दफ्तर बनकर तैयार हो गया है. मप्र और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में योग्य और अनुभवी संवाददाताओं की टीम तैयार हो चुकी है. उम्मीद है अगले कुछ दिन में इनका ड्राय-रन शुरु हो जाएगा. इस माह के अंत तक इसकी धमाकेदार लांचिंग भी हो सकती है.

‘द सूत्र’ की संपादकीय टीम को मप्र में रूचि रखने वाले देश के बड़े पत्रकारों का साथ मिल गया है. इस टीम में देश के वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री आलोक मेहता, वेदप्रकाश वैदिक, एनके सिंह(भोपाल), जगदीश उपासने, एनके सिंह (दिल्ली) और ऋचा अनिरूद्ध भी शामिल हैं. टीम के समन्वयक हरीश दिवेकर का कहना है कि मौजूदा समय में पत्रकारिता को बचाना बड़ी चुनौती है और हमने इस चुनौती को स्वीकार किया है. उनका कहना है कि हमारा उद्देश्य न किसी का समर्थन करना है और न ही किसी का विरोध. हम सिर्फ खबर देने और खबर के निष्पक्ष विश्लेषण पर फोकस करना चाहते हैं. दिवेकर का कहना है कि यदि हम सफल हुए तो देश में यह उदाहरण होगा.

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  • यह पंचलाइन तो चोरी है। कोलकाता से प्रकाशित वर्तमान की पंच लाइन पिछले 25 साल से यही है। आमरा सुद्धु भगवान थेके भय पाई (हम सिर्फ भगवान से डरते हैं) कोलाकाता शहर में कुछ साल पहले तक जगह इसके विज्ञापन लगे रहते थे।

    • सर इन्होंने हिंदी में लिखी है पंच लाइन :)

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