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छत्तीसगढ़ का एक न्यूज चैनल आईबीसी-24 नाम से है. इसमें न्यूज एंकर के बतौर सुरप्रीत कौर काम करती हैं. सुरप्रीत जब कल खबर पढ़ रही थीं तभी एक ब्रेकिंग न्यूज आई. यह न्यूज उनके पति की सड़क हादसे में मौत से संबंधित थी. सुरप्रीत अपने पति की मौत की खबर को भी लाइव न सिर्फ पढ़ गईं बल्कि मौके पर मौजूद रिपोर्टर से विस्तृत जानकारी लेकर अपने दर्शकों को अपडेट किया.

उनके इस प्रोफेशनल रवैये की हर ओर तारीफ हो रही है. अपने काम के प्रति इस तल्लीनता और लगन की हर कोई सराहना कर रहा है.

सुरप्रीत शनिवार की सुबह रोजाना की तरह ऑफिस आईं और न्यूज बुलेटिन पढ़ने लगीं. इसी दौरान महासमु्ंद जिले के पिथौरा में हुए एक सड़क हादसे की जानकारी आई तो इस महिला एंकर ने उसकी ब्रेकिंग न्यूज पढ़ी. इसी ब्रेकिंग न्यूज में उसके पति की मौत की भी खबर थी.

इस प्रकरण पर एक पत्रकार की टिप्पणी यूं है :

खबर और पत्रकार का क्या रिश्ता होता है शायद एक ऐसी पत्नी से ज्यादा अच्छे से कोई नहीं समझा सकता जो अपने जीवन साथी की मौत की खबर खुद ब्रेक करे। सच में सुप्रीत कौर एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने अपने काम को दायित्व स्तर से भी आगे जाकर पूरा किया। मैं सुप्रीत के पति हर्षद की असामयिक मौत पर संवेदना प्रकट करता हूँ एवं उनकी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करता हूँ। ईश्वर सुप्रीत को इस विपदा से लड़ने की ताकत दे।

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  • Guest - Akshendra mishra

    बुलेटिन के दौरान सुरप्रीत को सिर्फ यह शंका भर थी की उस दुर्घटना में उसके पति की मौत हुई है क्योंकि जिस अज्ञात वाहन ने गाड़ी में टक्कर मारी वह renault duster गाडी थी जो की उसके पति के पास भी थी। और दुर्घटना का क्षेत्र भी उसका ससुराल ही था (भिलाई के पास) , बुलेटिन पढ़ने के बाद उनकी शंका पुष्टि में बदल गयी जब उन्होंने अपने रिश्तेदारों को फ़ोन किया, चैनल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें घर भेजने का भी प्रबंध कर दिया।

    दुर्घटना की तो पुष्टि थी, मगर सुरप्रीत को बुलेटिन के दौरान , ये नहीं पता था कि वो अपने पति की ही खबर पढ़ रही थी, सही मायने में उनपर दुःख का पहाड़ तो तभी टूटा जब उन्हें मालूम पड़ा की हा जो वो सोच रही थी, वही हो गया

    सुरप्रीत पिछले 9 सालों से ibc24 में है, एक एहम पद पर है, एक ओहदा है उनका वहा, ऐसे में मान लीजिए की अगर एक परसेंट भी उनकी शंका गलत होती और वो कोई और डस्टर गाडी होती उनकी पति की ना होती तो वो शायद ट्रोल बन जाती, मेरे हिसाब से उन्होंने जो पेशेंस दिखाए बुलेटिन के दौरान ये उन्हें अपने पत्रकारिता के अनुभव से मिला है। सिर्फ शंका मात्र से तो बुलेटिन ड्राप नहीं किया जा सकता था न भाई।
    TRP की भूखी मीडिया ने इसे भी बेच दिया।।

  • Guest - Ashish Chouksey

    एक न्यूज़ एंकर जो लाइव पढ़ रही थी, ब्रेकिंग आती है।
    उसने पढ़ दी, घटना की जानकारी भी दे दी जैसा वो
    सालों से बतौर न्यूज़ एंकर कर रही थी। क्योंकि उस वक्त दिमाग
    सिर्फ खबर पढ़ने पर फोकस्ड रहता है। इसीलिये लाइव न्यूज़ में एंकर्स
    ब्लंडर्स भी पढ़ जाते हैं।

    अफसोसजनक यह था कि वह घटना उसके परिवार से जुड़ी निकली।
    जो 3 मृतक थे उनमें से 1 उनका पति था। इसका एहसास उनको न्यूज़ पढ़ने के बाद हुआ।
    उन्होंने फोन लगाकर कन्फर्म किया तब ऑफिस द्वारा उन्हें उनके घर पहुंचाया गया।

    अब इसमें "वो महान न्यूज़ एंकर, सलाम है महिला तेरे समर्पण को, तू ही सच्ची पत्रकार,
    अपने ही पति की मौत की खबर पढ़ने वाली महान एंकर, रो रहा था स्टूडियो... और भी
    जिस "डिजाईनर पत्रकार" के दिमाग में जो मसाला आया वो डालकर परोस रहा है।


    भई मुझे तो हकीकत पसंद है। मसाला सिर्फ मैगी में अच्छा लगता है।

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