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वैचारिक आधार पर न्यूज चैनलों के ध्रुवीकरण के बाद जी न्यूज का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. पिछले हफ्ते भी यह चैनल CSAB Male 22+ कैटगरी में नंबर वन था, आजतक को दो नंबर पर धकियाते हुए, इस हफ्ते भी नंबर वन है, आज तक को दो नंबर पर पड़े रहने को मजबूर करते हुए. हालांकि CS15+ कैटगरी में आजतक पिछले हफ्ते भी नंबर एक था और जी न्यूज नंबर दो, इस हफ्ते भी आजतक नंबर एक है और जी न्यूज नंबर दो.

जी न्यूज नंबर दो की कुर्सी लेकर इंडिया टीवी और एबीपी न्यूज को तगड़ी चुनौती पेश कर दी है. हालांकि एबीपी न्यूज और इंडिया टीवी, दोनों ही मोदी भक्त चैनल हैं लेकिन ज्यादा मोदी भक्ति दिखाकर जी न्यूज नंबर एक मोदी भक्त चैनल का तमगा पा गया है और इस तरह वह टीआरपी में भी नंबर एक चैनल बनने की ओर अग्रसर है. देखें 22वें हफ्ते के आंकड़े...

Weekly Relative Share: Source: BARC, HSM, TG:CS15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 22

Aaj Tak 16.5 up 0.5
Zee News 15.1 up 0.2
ABP News 12.2 dn 0.6
India TV 10.9 dn 0.6
News18 India 10.5 up 0.3
News Nation 10.2 up 0.5
India News 9.1 dn 1.0
News 24 6.8 dn 0.2
Tez 3.4 up 0.3
NDTV India 2.9 up 0.3
DD News 2.4 up 0.2

TG: CSAB Male 22+

Zee News 16.7 up 0.5
Aaj Tak 15.5 same 
India TV 11.7 dn 0.1
News18 India 11.7 up 1.0
ABP News 11.5 dn 1.2
News Nation 9.5 up 0.3
India News 7.9 dn 0.9
News 24 6.3 dn 0.2
Tez 3.7 up 0.4
NDTV India 3.5 up 0.4
DD News 2.1 dn 0.1

इसके पहले वाले हफ्ते का हाल....

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  • Guest - lav kumar singh

    आपका विश्लेषण भी कमाल का है यशवंत जी। जब जी न्यूज या इंडिया टीवी टीआरपी की रेस में बहुत पीछे थे तो आपकी प्रतिक्रिया यह होती थी कि ये चैनल इसलिए पीछे हैं क्योंकि ये मोदी की चमचागिरी में लगे हुए हैं। इन चैनलों पर मोदी की प्रशंसा के सिवाय कुछ नहीं दिखाई देता है, इसलिए ये पीछे चल रहे हैं। अब जब ये चैनल टीआरपी में आगे हैं तो भी इसका कारण मोदी भक्ति ही बताई जा रही है। कमाल है। हर बात के लिए मोदी का नाम ले लेना, विश्लेषण की मेहनत से बचने का बहुत अच्छा तरीका है। आपके हिसाब से दर्शक टीवी खोलने से पहले यह सोचता है कि चूंकि उसने मोदी को वोट दिया है या उसे मोदी या भाजपा पसंद है तो उसे जी न्यूज या इंडिया टीवी ही देखना चाहिए। आपके विश्लेषण के हिसाब से दर्शकों का धुर्वीकरण हो गया है। इस हिसाब से तो एनडीटीवी टीआरपी में नंबर दो या नंबर एक होना चाहिए था क्योंकि चुनावों में मोदी को समर्थन में जितने प्रतिशत मिले थे, उससे ज्यादा प्रतिशत वोट तो उनके खिलाफ पड़े थे।
    कृपया अपने स्टाफ से थोड़ी और मेहनत कराइए और वास्तविक कारणों का पता लगवाइए।

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