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Ravish Kumar : प्रधानमंत्री के भारत लौटने के बाद मैं हावर्ड जाने की तैयारी में लग जाऊंगा! उनके पीछे देश ख़ाली ख़ाली सा न लगे इसलिए रूक गया हूं। अच्छी बात है कि हावर्ड के आयोजक छात्रों ने हिन्दी में ही बोलने के लिए कहा है। 2016 में जब कोलंबिया यूनिवर्सिटी गया था तो वहां भी वत्सल और प्रोफेसर सुदीप्तो कविराज ने कहा कि हिन्दी में ही बोलिए। फिर क्या था जो अनुवाद करा कर ले गया था उसे किनारे किया और जो बोलना था बोल आया।

इस बार भी हावर्ड के प्रतीक ने कहा है कि वहां तो भारतीय ही होंगे सो मैं हिन्दी बोल सकता हूं। काश मुझे अंग्रेज़ी आती तो वहां के दूसरी भाषाओं के छात्रों से भी संवाद कर पाता। मैं भाषाई गौरव गान या वर्चस्व में यक़ीन नहीं करता। एक ही भाषा आना कोई अच्छी बात नहीं है। यह बधाई देने वाली बात नहीं है। वहां तो सब जाते ही रहते होंगे। कई लोग ऐसी सूचनाएँ देख कर बधाई देने लगते हैं। सो प्लीज़। आप चाहें तो दस फरवरी को हावर्ड के गेट पर मुझसे मिल सकते हैं। मैं बाहर पकौड़े तलता मिल जाऊंगा! सर्दी बहुत होगी। रजाई बनवा रहा हूं। जयपुरी रजाई से काम चल जाएगा वहां जी? दो दिन रहूँगा। मौक़ा मिला तो हावर्ड की लाइब्रेरी देखना चाहूंगा।

एनडीटीवी के चर्चित एंकर रवीश कुमार की एफबी वॉल से.

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  • Guest - sunil kumar

    pakaura wala aapke kai patrkar ki salary se jyada kamata hai. aap apne tv chainel me to use rakhenge nahi. pakaura wala bhi berojgar hota hai. use jagah ki talash rahti hai. jagah mil jana hi uske liye rojgar ka sabse bara absar hai. aap ne Apni chhabi kharab kar li,, kuchh saalo me . modi fobia se . maid modi ka supporter nahi leikin jab bhi aapko dekhta hu modi ka bhut sawar rahta hai.

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