माई लॉर्ड ने वरिष्ठ पत्रकार को अवमानना में तिहाड़ भेजा पर मीडिया मालिकों के लिए शुभ मुहुर्त का इंतजार!

वो रोता गिड़गिड़ाता रहा और माई लॉर्ड लोग लगातार सख्त बनकर उपदेश देते रहे…

चेन्नई के पत्रकार प्रकाश स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में आगे कहा- ”एमजे होल्डिंग्स मेरी कंपनी नहीं है, मैं तो पत्रकार हूं, 34 साल तक यूएन में रिपोर्टिंग के बाद रिटायर हुआ हूं, कंपनी का मालिक मेरा दोस्त है, उसी ने पावर ऑफ अटॉर्नी देकर मुझे हलफनामा दायर करवा लिया था.”

उनकी इस बात को सुनने के बाद, जस्टिस दीपक मिश्रा बोले- आपने कोर्ट का मजाक बनाने की कोशिश की है, आपके ही हलफनामे पर बेंच बैठी और फिर होटल खरीदने से मना कर दिया, यह कोर्ट की अवमानना है, आपको बख्श नहीं सकते.

जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि आप जुर्माने के 10 करोड़ रुपए जमा कराएं. इस पर स्वामी रो पड़े. कहा- मैं छोटा आदमी हूं, नहीं जानता था कि ऐसा होगा.

तब जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा- आप बड़ा आदमी बनना चाहते थे, इसके लिए गलत रास्ता चुना, अब परिणाम भी भुगतिए.  

न्यायालय के आदेश से आहत और कांपते हुए स्वामी ने अपने को निर्दोष बताया और कहा कि वह 10 करोड़ रुपए के बजाए 10 लाख रुपए शीर्ष अदालत में जमा कराने को तैयार हैं. हालांकि पीठ ने उनके अनुरोध को खारिज कर दिया और कहा कि संभवत: यह लालच है जिसके कारण किसी विदेशी कंपनी का पावर ऑफ अटॉर्नी उन्हें मिला. पीठ ने यह भी कहा कि अदालत की अवामनाना को लेकर उन्हें छह महीने की जेल भी हो सकती है.

शुरू में स्वामी ने अपने हलफनामा में कहा था कि कंपनी होटल खरीदना चाहती है. उसके बाद न्यायालय ने सेबी-सहारा रिफंड खाता में 750 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था ताकि होटल में खरीदने को लेकर उनकी पात्रता का पता चल सके. होटल का मूल्य 55 करोड़ डॉलर आंका गया है. स्वामी के वकील ने 17 अप्रैल को स्वीकार किया कि 750 करोड़ रुपए जमा नहीं किया जा सका क्योंकि होटल में खरीदने को लेकर सौदे में कुछ कठिनाइयां हैं.

इस पर न्यायालय ने स्वामी का पासपोर्ट जब्त करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्हें लागत के रूप में 10 करोड़ रुपए जमा करने और व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में पेश होने को कहा था. असल में सुब्रत राय को 2014 में हिरासत में लिया गया था और 10 हजार करोड़ रुपए की जमानत पर पैरोल पर छोड़ा गया था. सुप्रीम कोर्ट के दबाव के बाद सहारा ग्रुप्स को अपनी कई प्रॉपर्टी बेचनी और नीलाम करनी है और इसी में न्यूयॉर्क स्थित होटल प्लाजा भी है. इस होटल को सहारा ग्रुप ने 2012 में 575 मिलियन डॉलर में खरीदा था.

…जारी…

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हे माई लॉर्ड, आपका निर्णय अदभुत रहा, पर उससे बड़े मामले में आप ‘अन्याय’ क्यों कर रहे हैं?

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