मजीठिया वेज बोर्ड के लिए अब भी कोई सुप्रीम कोर्ट में केस करना चाहता है तो स्वागत है : एडवोकेट उमेश शर्मा

(File Photo Advocate Umesh Sharma)

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील उमेश शर्मा से भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने वो सवाल पूछा जिसे देश भर के कई मीडियाकर्मी आपस में एक दूसरे से पूछ रहे हैं. सवाल यह कि क्या सुप्रीम कोर्ट में कोई मीडियाकर्मी अब भी मजीठिया वेज बोर्ड का अपना हक पाने के लिए केस कर सकता है? एडवोकेट उमेश शर्मा ने बताया कि बड़े आराम से केस कर सकता है. चलते हुए केस में पार्टी बना जा सकता है, चाहें खुलकर या गोपनीय रहकर. इसके लिए वनटाइम फीस सात हजार रुपये देने होंगे.

याचिका दायर करने के लिए दिल्ली आने की भी जरूरत नहीं है. अगर खुल कर अपने नाम पता के साथ याचिका करना चाहते हैं तो आपको वकालतनामा का फार्मेट आनलाइन भेजा जाएगा जिस पर हस्ताक्षर करके आपको मेल से ही भेज देना होगा. जो गोपनीय रूप से लड़ना चाहते हैं उन्हें अथारिटी लेटर भेजा जाएगा जिस पर वह अपना डिटेल लिखकर भेज सकते हैं.  एडवोकेट उमेश शर्मा से यशवंत की बातचीत को सुनने के लिए नीचे दिए गए यूट्यूब लिंक पर क्लिक कर सकते हैं..

https://www.youtube.com/watch?v=PlqZrf-_LBY

अगर आप मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर गोपनीय तरीके से या खुलकर सुप्रीम कोर्ट में केस डालना चाहते हैं तो अपना नाम, अपने संस्थान का नाम, पद, कार्यअवधि आदि का विवरण लिखकर भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह को उनकी मेल आईडी yashwant@bhadas4media.com पर मेल कर सकते हैं. भड़ास एडिटर यशवंत आपकी मेल को एडवोकेट उमेश शर्मा के साथ गोपनीय तरीके से डिस्कस करेंगे, तदुपरांत आपको मेल के जरिए या फोन के जरिए सूचित करेंगे. आप चाहें तो सीधे एडवोकेट उमेश शर्मा से भी संपर्क कर अपना केस डाल सकते हैं. एडवोकेट उमेश शर्मा से उनकी मेल आईडी legalhelplineindia@gmail.com या उनके आफिस के फोन नंबर 011-2335 5388 या उनके निजी मोबाइल नंबर 09868235388 के जरिए संपर्क कर सकते हैं.

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Comments on “मजीठिया वेज बोर्ड के लिए अब भी कोई सुप्रीम कोर्ट में केस करना चाहता है तो स्वागत है : एडवोकेट उमेश शर्मा

  • Pramod Kumar Singh says:

    ये तो अधिकार की लड़ाई है ।इसे मुकाम तक पंहुचाना आवश्यक है ।परन्तु जहाँ पर अखबार समुहो ने पत्रकारों को न रख ‘झोलाछाप पत्रकारों’ से काम लेकर जन जन को धोखा देने का काम किया है उनपर क्या कार्रवाई की जा सकती है ? आखिरकार हम कोयलाचंल के लोग भी अखबारों के लिये उतना ही मूल्य चुकाते हैँ जितना शहरों के लोग !! फिर हमारे लिये झोलाछाप क्यों ?? बिना डिग्री के ये क्या समझेगे ? मैंने भुरकुण्डा (पतरातु) थाना , रामगढ़ , झारखंड , मे इस संबंध मे प्राथमिकी दर्ज कर फर्जी पत्रकारों और उन्हें बिना योग्यता के बहाल करने वाले संपादको पर जनता के साथ धोखाधड़ी ककरने की जाँच की माँग की है ।

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  • व्विजय कुशवाहा नागोद डिस्टिक सतना mp says:

    उमेश जी आज uc news में एक न्यूज़ डाली गई है कि केबीसी में 5करोड़ बिहार के शुशील ने केबीसी में 5करोड़ जीते थे तो उसमें न्यूज़ थी कि शुशील को 3.4 0000 rs mile the aur 2.4000 TAX kal liya tha to 2.4000+3.6000=600000 hota hai jeete to 5caror the to ye kaise hue mujhe iski jankari chahiye UC news se

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