लाक डाउन के दौरान वेंकटेश्वरा विवि की फर्जी खबरें-फ़ोटो प्रकाशित करने का आरोप!

सेवा में
निदेशक, हिंदुस्तान अखबार
नई दिल्ली

विषय-मुरादाबाद संस्करण के हिंदुस्तान अखबार में फर्जी खबरें छापने के संबंध में।

महोदय,
आपके प्रतिष्ठित समाचार पत्र का मुरादाबाद संस्करण अक्सर फर्जी खबरें छाप रहा है, जिससे पाठकों में अखबार की छवि निरंतर खराब हो रही है। हिंदुस्तान अखबार में छपने वाली फर्जी खबरों के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं।

अमरोहा जिले में हाईवे किनारे वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय स्थित है। 25 मार्च को देशव्यापी लाक डाउन शुरू होने पर विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया। विश्वविद्यालय को जिला प्रशासन ने टेकओवर कर कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया।

अमरोहा जिले में कोरोना वायरस के मरीज मिलने पर वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। लॉकडाउन शुरू होने से अब तक अमरोहा व नजदीकी संभल जिले के सभी कोरोना मरीज वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय परिसर के अस्पताल में भर्ती हैं। वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के अस्पताल में कोरोना के मरीज भर्ती होने पर कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई थी। इस कारण अधिकांश कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय आना ही छोड़ दिया।

लेकिन हिंदुस्तान अखबार में विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों की खबरें व फ़ोटो लगातार छपी हैं। असलियत में इस दौरान विश्वविद्यालय में कोई कार्यक्रम ही नहीं हुआ है। एक ही फोटो को 2 बार छाप कर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का समाचार हिंदुस्तान अखबार में छाप दिया गया।

16 अप्रैल के अमरोहा संस्करण में पेज संख्या 5 पर दो कॉलम का एक फोटो छापा गया। अगले माह 10 मई को अमरोहा संस्करण में ही पेज संख्या दो पर पुनः दो कॉलम में वही फोटो छापा गया। इससे फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो जाता है।

हम लोगों ने अखबार के गजरौला प्रभारी हिमांशु शर्मा को फोन कर इस संबंध में शिकायत भी की। लेकिन उन्होंने कोई बात सुनने से इनकार कर दिया। इस पर संस्करण के संपादक भूपेश उपाध्याय को भी फोन पर सच की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने कहा कि ये हमारा विवेक है, हमें क्या छापना है, क्या नहीं।

लाक डाउन के दौरान वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय की खबरें व फ़ोटो छापे गए जो फर्जी हैं। इस अवधि के दौरान विश्वविद्यालय में कोई कार्यक्रम ही आयोजित नहीं हुआ है।

बाकी आप अप्रैल व मई के हिंदुस्तान समाचार पत्र में छपी खबरों व फ़ोटो की सत्यता की जांच करा कर जान सकते हैं।

एक ही फोटो दो बार छपने का विवरण इस प्रकार है
1.
16 अप्रैल 2020
पेज 05

फ़ोटो कैप्शन- वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में वेबिनार का शुभारंभ करते अतिथि।

2-
10 मई 2020
पेज-02

फ़ोटो कैप्शन-वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन का शुभारंभ करते प्रति कुलाधिपति।

deva kumar

kdeva9617@gmail.com

भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

One comment on “लाक डाउन के दौरान वेंकटेश्वरा विवि की फर्जी खबरें-फ़ोटो प्रकाशित करने का आरोप!”

  • tera shubhchintak says:

    अरे चिरकुट, दोनों कार्यक्रम आनलाइन हुए हैं. इसका जिक्र उपरोक्त समाचारों में भी हैं. हां, फोटो एक ही लग गई है जो एक अलग मसला है. कृपया जानबूझ कर झूठ न फैलाएं.

    Reply

Leave a Reply to tera shubhchintak Cancel reply

Your email address will not be published.

*

code