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नहीं रहे विनोद दुआ!

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वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ अब हम लोगों के बीच नहीं रहे। उनके निधन की सूचना उनकी बेटी मल्लिका दुआ ने सोशल मीडिया पर साझा की है। देखें स्क्रीनशॉट-

ज्ञात हो कि विनोद दुआ की पत्नी चिन्ना दुआ का भी कुछ महीनों पहले निधन हो गया था। वे कोरोना से पीड़ित थीं। फिर विनोद जी भी कोविड के शिकार हुए। कुछ महीनों के संघर्ष के बाद वे भी इससे उबर नहीं पाए। आज शाम उन्होंने आख़िरी साँस ली।

परख जैसे बेहतरीन कार्यक्रम और चुनाव परिणाम विश्लेषण की बदौलत विनोद दुआ घर घर में लोकप्रिय हुए। बेबाक़ और बहुमुखी प्रतिभा के धनी विनोद दुआ के निधन से मीडिया जगत शोक संतप्त है। जन सरोकार और जीवट की पत्रकारिता का एक और स्थान रिक्त हो गया।

वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ की पुत्री मल्लिका ने बताया है कि उनका अंतिम संस्कार कल रविवार को दोपहर 12 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर होगा।

विनोद जी के निधन पर वरिष्ठ पत्रकार विवेक शुक्ला की टिप्पणी देखें- “What a loss! He was from Vijay nagar area close to Delhi University campus with no background of media in his family. Yet, he evolved and made a mark in electronic media.
He joined HT as head of their would be TV channel in 1990. After an interview he inducted couple of HT staffers in his team, including me. Alas, when we were about to join the new venture, we were told the project is shelved . Later, Karan Thapar came and became head of a TV channel that used to produce news with BBC.”

वरिष्ठ पत्रकार राजू मिश्र लिखते हैं- “टेलीविजन पत्रकारिता के दिग्गज विनोद दुआ ने आज इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया। कुछ ही समय पहले उनकी पत्नी चन्नी भाभी कोरोना से पीड़ित होकर नहीं रही थीं। दुआ साहब का लोकप्रिय टीवी शो जायका इंडिया का इंतजार घर-घर में बड़ी बेसब्री से किया जाता था। जब हमें रेडइंक पुरस्कार मिला तो विनोद दुआ साहब खुद बधाई देने आए यह कहते हुए कि हिंदी में पहली बार आपको मिल रहा है। उन जैसी बड़ी हस्ती का खुद चलकर बधाई देने आना यह बताता है कि वह कितने बड़े दिल वाले थे। उसी वर्ष उन्हें लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड दिया गया था। नमन दुआ साहब। परमात्मा आपको अपने श्रीचरणों में सबसे करीब स्थान प्रदान करें। वाकई इस मतलबी दुनिया के बड़े दिल वाले पत्रकार थे।”

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  • *विनोद दुआ*
    पत्रकारिता का एक नामचीन चेहरा थे। विगत में कोरोना से जिंदगी और मौत की जंग लड़े। इसी बीच उनकी पत्नी भी कोरोना पीड़ित हुईं। कुछ माह पूर्व उनका भी निधन हो गया।

    गत दिनों विनोद दुआ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वे आईसीयू में एक बार फिर जीवन के लिये संघर्ष करते दिखे। उनकी जो हालत थी उसमें उनकी मौत की खबर भी उड़ी पर वे यूँ हार मानने वाले नहीं थी। कुछ दिनों उन्होंने और संघर्ष किया पर वे ये संघर्ष हार गए और मृत्यु का अविश्वनीय समाचार फिर सामने आया। सहसा यकीन न हुआ। पर इस बार यह सच दिख रहा है।

    पत्रकार के रूप में वे मेरी अच्छी पसंद थे। उनके निधन से शोक संतप्त हूँ। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूँ। पत्रकारिता जगत में उनके निधन से अपूरणीय क्षति हुई है।

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