विपश्यना से लौटे यशवंत : मतवाले मन को मैनेज करने का महामंत्र!
जो मन दिन रात हम लोगों को डोलाए रहता है, उस बेकाबू मन को हम कंट्रोल कर उससे मन माफिक काम करा पाए… ये विपश्यना की उपलब्धि रही.
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विपश्यना से लौटे यशवंत : मतवाले मन को मैनेज करने का महामंत्र!
जो मन दिन रात हम लोगों को डोलाए रहता है, उस बेकाबू मन को हम कंट्रोल कर उससे मन माफिक काम करा पाए… ये विपश्यना की उपलब्धि रही.