खनन माफिया ने पत्रकारों पर पहले हमला कराया फिर मुक़दमा भी लिखा दिया!

यमुनानगर के कुछ पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा है। ये खनन में एक लाख रुपए मांग रहे थे। आरोप है कि 50 हजार ले गए और 50 हजार और मांग रहे थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

हरियाणा के यमुनानगर से एक बड़ी न्यूज आ रही है। आरोप है कि यहां के यमुना नदी माइनिंग जोन जठलाना में एक ठेकेदार के पास यमुनानगर के चार कथित पत्रकार पैसे मांगने पहुंच गए। ठेकदार को ब्लैकमेल करके पैसे नहीं देने पर उसके खिलाफ चैनल पर खबर चलाने की धमकी दी। ठेकेदार और उसके करिंदो ने चारों को पकड़ लिया और उनकी जमकर धुनाई कर डाली।

मौके पर पुलिस को बुला लिया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि ये सभी किसी न किसी चैनल से जुड़े हैं और खुद का यू ट्यूब चैनल भी चलाते हैं।

इस मामले में बताया जा रहा है कि आरोपी पत्रकार निर्दोष हैं। पहले इनके साथ ही खनन माफिया ने दुर्व्यवहार किया। इन्हें बंदी बनाया, मारपीट की और फिर इनके खिलाफ ही झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस प्रसाशन खनन माफिया के दबाव में रहते हैं। कारण सब लोग जानते समझते हैं कि पुलिस दबाव में क्यों रहती है। पुलिस की मिलीभगत के बगैर ये लोग अपना काम नहीं कर सकते। पत्रकार से पुलिस को क्या मिलना। ये पत्रकार अवैध माइनिंग के खिलाफ किसानों के प्रोटेस्ट की कवरेज करने जा रहे थे। इन पर रास्ते मे ही हमला कर दिया गया। जिन्होंने पत्रकारों को बंदी बनाया, मारपीट की, इन्हीं लोगों ने किसानों के ऊपर हमला किया। कई किसान घायल कर दिये। जो लोग दर्जनों किसानों पर तलवारो से हमला कर सकते हैं वे पत्रकार से क्या डरेंगे। पहले पत्रकारों ने हमले का मुकदमा दर्ज करवाया। इस के बाद जवाब में खनन माफिया ने झूठी एफ आई आर लिखवा दी। ऐसा समझौते का दबाव बनाने के लिए किया गया। खनन वालो द्वारा मौके पर पुलिस बुला कर पत्रकारों को गिरफ्तार कराने की बात झूठ है।



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Comments on “खनन माफिया ने पत्रकारों पर पहले हमला कराया फिर मुक़दमा भी लिखा दिया!

  • राज कुमार says:

    हमने सुना तो था कि भड़ास मीडिया एक पक्षीय समाचार लगाता है और आज देख भी लिया पत्रकारों के विरुद्ध लगाई गई खबर पूरी तरह झूठी है पत्रकारों द्वारा दिन में ही कंप्लेंट दे दी गई थी लेकिन पुलिस द्वारा रात्रि 10:30 बजे मुकदमा दर्ज किया गया था और माइनिंग लोगों द्वारा झूठा क्रॉस केस बनाते हुए 11बज कर52 मिनट पर मुकदमा दर्ज करवाया जो कि सीधा-सीधा बता रहा है कि केवल पत्रकारों द्वारा दर्ज करवाए गए मुकदमे के क्रॉस में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया अगर पत्रकार इनसे पैसे ले गए थे तो इन्होंने तब मुकदमा क्यों नहीं दर्ज करवाया जब ले गए थे, यमुनानगर पुलिस तो वैसे भी माइनिंग वालों के दबाव में चलती है

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  • Ranjan sharma , yamunanagar says:

    यमुनानगर की पुलिस खननं माफिया से मिली हुई है, खननं माफिया के इशारे पर काम करती है, यमुनानगर के पत्रकारों पर खननं माफिया के इशारे पर किसी राजनेता के कहने पर मुकदमा दर्ज हुआ है, जिन जिन न्यूज़ चैंनल या अखबारों के पत्रकारों को पड़ताडित किया गया, उनके संस्थानों को अपने अपने बहादुर पत्रकारों का साथ देना चाहिए और सरकार से जवाब मांगना चाहिए कि खननं माफिया की गुंडागर्दी कब रुकेगी,

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