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देवर द्वारा यौन उत्पीड़न को वैवाहिक विवाद बता रहे हैं थानेदार!

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एक महिला के साथ उसके देवर ने यौन उत्पीड़न किया. जब इस प्रकरण को थाने ले जाया गया तो थानेदार ने इसे वैवाहिक विवाद बताकर मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया.

एडवोकेट ज्योति कुमारी ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर दिल्ली के तिगड़ी थाने के एसएचओ पर आरोप लगाया है कि वे यौन उत्पीड़न के केस को दर्ज न कर इसे वैवाहिक मामला बताकर टाल रहे हैं.

ज्योति की ट्वीट के मुताबिक एसएचओ तिगड़ी का तर्क है कि यौन उत्पीड़न देवर द्वारा किया गया है और पीड़िता ने इसकी शिकायत पति से की है, इसके बाद पति ने पत्नी को धमकी दी कि अगर इसका ज़िक्र किसी से भी किया तो वह उसे छोड़ देगा, इसलिए यह वैवाहिक विवाद है, इस मामले को CAW सेल लेकर जाओ।

उधर CAW सेल का कहना है कि वह वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, दहेज आदि के मामले में ही मेडिएशन करता है जबकि यौन उत्पीड़न संगीन non compoundable अपराध है, चाहे कोई भी करे। इसमें मेडिएशन नहीं हो सकता।

यह तर्क उचित भी प्रतीत होता है। ऐसे में सवाल है कि एसएचओ तिगड़ी किस आधार पर FIR करने से मना कर रहे हैं?

एडवोकेट ज्योति कुमारी ने दिल्ली पुलिस के अफसरों, मीडिया वालों और सरकार के मंत्रियों को टैग कर अनुरोध किया है कि थानेदार को उचित निर्देश दिया जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके.

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