यह शख्स जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया!

Deshpal Singh Panwar : अगर ये खबर सच है कि हिंदुस्तान टाइम्स समूह को मुकेश अंबानी खरीद रहे हैं तो तय है कि अच्छे दिन (स्टाफ के लिए पीएम के वादे जैसे) आने वाले हैं। वैसे इतिहास खुद को दोहराता है… कानाफूसी के मुताबिक एक शख्स जो इस समूह के हिंदी अखबार में चोटी पर है वो जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया।

बनारस के ‘आज’ से लेकर जागरण के आगरा संस्करण का किस्सा हो या फिर वो अखबार जिसके मालिकों की एकता की मिसाल दी जाती थी और एक दिन ऐसा आया कि भाई-भाई अलग हो गए, बंटवारा हो गया, पत्रकारिता के लिए सबसे दुखद दिन था वो, कम से कम हम जैसों के लिए। अगर ये बात सच है तो इतने पर भी इनको चैन पड़ जाता तो खैरियत थी, एक भाई को केस तक में उलझवा दिया, उसके बाद जो हुआ वो भगवान ना करे किसी के साथ हो, वो सब जानते हैं…लिखते हुए भी दुख होता है..

अब अगर हिंदुस्तान समूह के बिकने की बात है तो कानाफूसी के मुताबिक इस हाऊस को भी लगा ही दिया ठिकाने। अगला नंबर मुकेश अंबानी का होगा अगर उन्होंने इन्हें रखा तो, वैसे ये जुगाड़ कर लेंगे, पीएम की तरह बोलने की ही तो खाते हैं.दुख किसी के बिकने और खुशी किसी के खरीदने की नहीं है हां स्टाफ का कुछ बुरा ना हो बस यही ख्वाहिश है। वेज बोरड की वजह से बिक रहा है ये मैं मानने को तैयार नहीं हूं। जो हो अच्छा हो..

कई अखबारों में संपादक रह चुके वरिष्ठ पत्रकार देशपाल सिंह पंवार की फेसबुक वॉल से.

संबंधित खबरें…

xxx

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Comments on “यह शख्स जहां रहा वहां या तो बंटवारा हुआ, या वो अखबार तबाह होता चला गया!

  • विनीत says:

    भाई आपका इशारा जिस तरफ है उन्हें दोष देना ठीक नहीं। अमर उजाला इनके आने के बाद ही ब्रांड बना। मालिकों में विवाद पहले से रहे होंगे जिनको इनके आने से हवा मिली। शशि जी निर्विवाद रूप से हिंदी पत्रकारिता के बड़े स्तम्भ हैं। उनपर इस तरह का लांछन ठीक नहीं।

    Reply

Leave a Reply to विनीत Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *