अखबारों-मैग्जीनों में काम कर रहे / काम कर चुके मीडियाकर्मियों के लिए जरूरी संदेश

Yashwant Singh : दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, अमर उजाला, प्रभात खबर, हिंदुस्तान, नवभारत टाइम्स, लोकमत, टाइम्स आफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, राष्ट्रीय सहारा… जैसे दर्जनों छोटे बड़े अखबारों-पत्रिकाओं में कार्यरत / पूर्व कार्यरत मीडियाकर्मियों के ध्यानार्थ…

मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से लाखों रुपये बकाया एरियर और सेलरी इकट्ठा पाने के लिए दावा करने का आखिरी सुनहरा मौका सामने है. इस संबंध में 30 अप्रैल को दिल्ली में एक वर्कशाप का आयोजन किया जा रहा है. इस वर्कशाप में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा एक ही जगह पर पूरा क्लेम तैयार कराया जाएगा.

अगर आप प्रिंट मीडियाकर्मी हैं या रहे हैं तो मजीठिया वेज बोर्ड पाने के हकदार हैं… इसलिए ये वर्कशाप आपके लिए है. आपने मजीठिया के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस किया हो या नहीं किया हो, इससे कोई फरक नहीं पड़ता. अब आप अगर एरियर व सेलरी की उचित गणना करके लेबर डिपार्टमेंट में क्लेम फाइल कर देते हैं तो समझिए आपको अपना हक जरूर मिलेगा क्योंकि लेबर डिपार्टमेंट को सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना है कि जिन जिन ने क्लेम फाइल किया, उन उन को हक मिला या नहीं. इसलिए लेबर डिपार्टमेंट को क्लेम यानि दावा ठोंकने वालों को पेमेंट दिलाना ही है.. क्लेम तैयार करने और इसे लेबर डिपार्टमेंट में फाइल करने के झंझटों को एक जगह पर सुलटाने के लिए ही यह वर्कशाप आयोजित है.

बाकी सारे डिटेल नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं….

https://www.bhadas4media.com/print/9385-maji-29-april

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.



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Comments on “अखबारों-मैग्जीनों में काम कर रहे / काम कर चुके मीडियाकर्मियों के लिए जरूरी संदेश

  • Rajiv Singh says:

    यूएनआई में अधेरगर्दी मची है वहां मजीठिया क्या वेतन 12 महीने के बैक लाग पर चल रहा है मुसीबत यह है कि वहां से कोई बौलने को तैयार नही है सो यंशवंत भाई वहां की आवाज जरूर शामिल करें.

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