2013-14 में भारत में करीब 300 अरबपति थे, अब 1,687 हैं; बाकी 98% लोग बस की छत और सीढ़ियों पर लटककर सफर करें!

धर्मेन्द्र आज़ाद- मुट्ठीभर लोगों के पास भारत की आधी संपत्ति : पूँजीवाद का नग्न चेहरा… सोचिए ज़रा—आप ओवरटाइम कर रहे हैं, साइड बिज़नेस भी कर रहे हैं, दिन-रात खट रहे हैं… फिर भी महीने के आख़िर में अकाउंट ख़ाली ही रह जाता है। उस वक्त अक्सर लगता है, “शायद गलती मेरी ही है, बचत क्यों … Continue reading 2013-14 में भारत में करीब 300 अरबपति थे, अब 1,687 हैं; बाकी 98% लोग बस की छत और सीढ़ियों पर लटककर सफर करें!