पिछले 20 वर्षों में दुनिया का कोई फ़िल्म फेस्टिवल ऐसा नहीं होगा जहां अजित राय न गए हों!

कृष्ण कल्पित- अजित राय से बहुत पुरानी दोस्ती थी! तब वे दिल्ली सरकार के शिक्षा-विभाग में शिक्षक थे और साथ ही जनसत्ता, हंस, नवभारत टाइम्स में सांस्कृतिक समीक्षाएं लिखा करते थे। सिनेमा, नाटक, साहित्य और कलाकार, साहित्यकार उनकी दिलचस्पी का केंद्र थे। देखते ही देखते वे दिल्ली की सांस्कृतिक और साहित्यिक दुनिया के महत्वपूर्ण नागरिक … Continue reading पिछले 20 वर्षों में दुनिया का कोई फ़िल्म फेस्टिवल ऐसा नहीं होगा जहां अजित राय न गए हों!