यशवंत सिंह…एक निडर, निश्चिन्त, निर्विकार और मस्तमौला संपादक!

शैलेश अवस्थी- कानपुर के कवि स्व. प्रमोद तिवारी जी ने लिखा है.. “मैं कबीर तुलसी का वंशज दरबारों में नहीं मिलूंगा, सच्ची घटना हूं मैं तुमको अखबारों में नहीं मिलूंगा”… जी हां, हम बात कर रहे हैं “भड़ास” के संस्थापक संपादक यशवंत सिंह की, जिन पर ये पंक्तियाँ सटीक लगती हैं। खबरचियों की खबर, आवाजाही, … Continue reading यशवंत सिंह…एक निडर, निश्चिन्त, निर्विकार और मस्तमौला संपादक!