पत्रकारिता छोड़ कर बन गये ‘हाउस हसबैंड’!

शंभूनाथ शुक्ला- विपिन धनकड़ अमर उजाला में अच्छे-ख़ासे क्राइम की बीट सँभाल रहे थे। यद्यपि मैंने उन्हें मेरठ में शिक्षा पर लगा दिया था। पर कुछ वर्ष पहले उन्होंने यह ग्लैमरस नौकरी छोड़ दी और हाउस हसबैंड बन गये। पत्नी दिल्ली में संस्कृत की टीचर तथा स्वयं घर सँभालने का काम स्वीकार किया। सुबह पाँच … Continue reading पत्रकारिता छोड़ कर बन गये ‘हाउस हसबैंड’!