दो कैमरे गर्दन पर, दो कंधों के सहारे टाँगे और दो कमर पर बंधे, मुझे रघु राय प्राचीन मध्ययुगीन इतिहास में दर्ज किसी अरब सौदागर से दिखे!

राजीव नयन बहुगुणा- हौले पाँव धरो रघु राईविकट पंथ पग रपट न जाईप्रबल वेग सुरसरि कल्याणीअविगत गति कछु क़हत न जाई यही कोई बाईस साल पहले मुझे मेरे मोबाइल फ़ोन पर शाम को एक काल मिली – नमस्कार राजीव नयन जी. मेरा नाम रघु राय है, और मैं एक फ्री लांस फोटोग्राफर हूँ. यह सुनते … Continue reading दो कैमरे गर्दन पर, दो कंधों के सहारे टाँगे और दो कमर पर बंधे, मुझे रघु राय प्राचीन मध्ययुगीन इतिहास में दर्ज किसी अरब सौदागर से दिखे!