राजेंद्र त्रिपाठी- आज सुबह अमर उजाला देखा तो दिल धक्क रह गया…नि:शब्द। सही कहूं तो अखबार से ही पता चला कि राजेश अवस्थी मुझसे दो साल बड़े हैं। वे हमेशा मुझे भाई साहब ही कह कर संबोधित करते रहे। जहां तक मुझे याद है कि अमर उजाला से पहले वे जागरण में कार्य कर रहे … Continue reading वरिष्ठ पत्रकार राजेश अवस्थी ने सुसाइड से पहले पत्र में लिखा- “मेरा परिवार अच्छा है लेकिन मैं उनके लिए कुछ नहीं कर पाया!”
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed