सहारा मीडिया का नोएडा वाला दफ्तर बहुत बड़ा है; उसे बेचकर कर्मचारियों का बकाया दिया जा सकता है!

प्रोफेसर गणेश पांडेय- हमारे समय की पत्रकारिता का एक जहाज़ शायद डूब रहा है। चाहता तो यह हूँ कि सहारा अख़बार के साथ कोई चमत्कार हो जाए और डूबने से बच जाए। दूर से आती हुई एक गीत की मद्धिम आवाज़ कानों में गूँज रही है- ‘साहिल पे खड़े हो तुम्हें क्या ग़म चले जानामैं … Continue reading सहारा मीडिया का नोएडा वाला दफ्तर बहुत बड़ा है; उसे बेचकर कर्मचारियों का बकाया दिया जा सकता है!