विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ मिलने पर सक्रिय वामपंथी मित्र चुप्पी साधे बैठे हैं!

ओम थानवी- विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ मिलने पर जितना खुलकर स्वागत हुआ, कम लेखकों का होता है। लेकिन हैरानी हुई कि अनेक वामपंथी मित्र — जो अन्यथा फ़ेसबुक पर अत्यधिक सक्रिय हैं — चुप्पी साधे बैठे हैं। कवि, कथाकार, आलोचक, संपादक, शिक्षक — कुछ मित्रों की वॉल पर जा-जा कर देखा। वे भी विनोदजी … Continue reading विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ मिलने पर सक्रिय वामपंथी मित्र चुप्पी साधे बैठे हैं!