दुख-सुख ईश्वर और विवाह संस्था से मुक्ति के बाद ज्यादा खुशहाल रहेगा मनुष्य! लोग सोचते हैं कि ईश्वर के बिना मुक्ति कैसे होगी! और महावीर कहते हैं कि अगर ईश्वर है तो मुक्ति का कोई उपाय नहीं... bhadas4media.comFebruary 27, 2016
दुख-सुख एक सक्रिय मनुष्य की बजाय एक आलसी का ध्यानपूर्ण बनना ज्यादा आसान है सवाल : मुझे महसूस होता है कि मेरे पास आलस्य और पलायनवाद की पूरी विरासत है। या तो मैं अपने भीतर ऊर्जा महसूस नहीं... bhadas4media.comFebruary 27, 2016
विविध साधु का आखिरी संदेश- ‘बिल्ली भूलकर भी मत पालना’ एक प्राचीन कथा है। एक संन्यासी जंगल में रहता है अकेला। भिक्षा मांगने जाता है। भिक्षा लेकर आता है तो घर में कभी थोड़ी... bhadas4media.comFebruary 24, 2016