Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

फ़ैज़ की जन्‍मशती पर दो दिवसीय अंतरराष्‍ट्रीय समारोह 22 से इलाहाबाद में

: हिंदी विवि के फैज़ एकाग्र समारोह में शिकरत करेंगे पाकिस्‍तान, जर्मनी, इंग्‍लैण्‍ड के साहित्यिक दिग्‍गज : वर्धा :  खूने दिल में उंगलियां डुबोकर लिखनेवाले शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का यह जन्‍म शताब्‍दी वर्ष है। इनके दिल अज़ीज के शायरी की खास पहचान है-रोमानी तेवर में भी खालिस इन्‍कलाबी बात कहना। उन्‍होंने इंसान और इंसानियत के हक में एक मुसलसल लड़ाईयां लड़ीं और उसे दिल की गहराईयों में डूबकर कागज पर उकेरा। उनकी शायरी संघर्षशील आदमी की मुकम्‍मल आवाज़ है। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा व प्रगतिशील लेखक संघ के सहयोग से अपनी जातीय परम्‍परा के इस ख्‍यातनाम शायर के जन्‍मशताब्‍दी समारोह का आयोजन साहित्‍य एवं संस्‍कृति की नगरी इलाहाबाद में दिनांक 22 एवं 23 अक्‍टूबर को कर रहा है।

: हिंदी विवि के फैज़ एकाग्र समारोह में शिकरत करेंगे पाकिस्‍तान, जर्मनी, इंग्‍लैण्‍ड के साहित्यिक दिग्‍गज : वर्धा :  खूने दिल में उंगलियां डुबोकर लिखनेवाले शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का यह जन्‍म शताब्‍दी वर्ष है। इनके दिल अज़ीज के शायरी की खास पहचान है-रोमानी तेवर में भी खालिस इन्‍कलाबी बात कहना। उन्‍होंने इंसान और इंसानियत के हक में एक मुसलसल लड़ाईयां लड़ीं और उसे दिल की गहराईयों में डूबकर कागज पर उकेरा। उनकी शायरी संघर्षशील आदमी की मुकम्‍मल आवाज़ है। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा व प्रगतिशील लेखक संघ के सहयोग से अपनी जातीय परम्‍परा के इस ख्‍यातनाम शायर के जन्‍मशताब्‍दी समारोह का आयोजन साहित्‍य एवं संस्‍कृति की नगरी इलाहाबाद में दिनांक 22 एवं 23 अक्‍टूबर को कर रहा है।

विश्‍व‍विद्यालय द्वारा ‘बीसवीं शताब्‍दी का अर्थ : जन्‍मशती का सन्‍दर्भ’ श्रृंखला के तहत फ़ैज़ एकाग्र पर आयोजित इस दो दिवसीय अंतरराष्‍ट्रीय समारोह में जर्मनी, पाकिस्‍तान, इंग्‍लैण्‍ड के ख्‍यातनाम अदीबों के अलावा देश के विभिन्‍न शहरों से लगभग 30 विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। जो फ़ैज़ की शायरी के विभिन्‍न रूपों पर विमर्श करेंगे तथा उनके व्‍यक्तित्‍व व गद्य लेखन पर प्रकाश डालेंगे।

अंतरराष्‍ट्रीय समारोह का उद्घाटन हिंदी के शीर्ष आलोचक व वि‍वि के कुलाधिपति नामवर सिंह करेंगे तथा विश्‍वविद्यालय के कुलपति एवं वरिष्‍ठ कथाकार विभूति नारायण राय भी इस आयोजन में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। फ़ैज़ की बेटियां सलीमा हाशमी, मुनीज़ा हाशमी के अलावा पाकिस्‍तान से जाहिदा हिना एवं किश्‍वर नाहिद भी भागीदारी करेंगी। इस आयोजन के दौरान जर्मनी के आरिफ़ नक़वी एवं इंग्‍लैण्‍ड के बाक़र नक़वी भी अपना उद्बोधन देंगे। इसके अतिरिक्‍त देश के विभिन्‍न शहरों से अर्जुमंद आरा, शमीम फैजी, रक्‍शंदा जलील, अली जावेद, धरमवीर, देवी प्रसाद त्रिपाठी, अबू बक़र अब्‍बाद (दिल्‍ली), सरबत खान (उदयपुर), खगेन्‍द्र ठाकुर (पटना), कश्‍मीरी लाल जाकि़र (चंडीगढ़), मोहन श्रोत्रिय (जयपुर), राजेन्‍द्र शर्मा (भोपाल), शकील सिद्दीकी, रमेश दीक्षित (लखनऊ), संजय श्रीवास्‍तव (बनारस), जयप्रकाश धूमकेतु (मऊ) के साथ इलाहाबाद के ए.ए.फातमी, प्रणय कृष्‍ण, अकील रिज़वी, एहतराम इस्‍लाम, असरार गांधी, ज़फर बख्‍त, अजीजा बानो, अविनाश मिश्र, फखरूल करीम, सालिहा जर्रीन भी शिरकत करेंगे।

विश्‍वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय से अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी के संदर्भ में पूछने पर उन्‍होंने बताया कि फ़ैज़ भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे बड़े कवियों में से एक हैं और हमारी साझा संस्‍कृति के उत्‍कृष्‍टतम नमूना हैं। समकालीन संदर्भ में फ़ैज़ जैसे बड़े कवि पर विमर्श होने से हम लाभान्वित होंगे। विश्‍वविद्यालय के इलाहाबाद केन्‍द्र के प्रभारी व ‘बीसवीं शताब्‍दी का अर्थ : जन्‍मशती का सन्‍दर्भ’ श्रृंखला के संयोजक प्रो. संतोष भदौरिया ने बताया कि वर्धा से शुरू हुई श्रृंखला के तहत यह विश्‍वविद्यायलय का छठवां आयोजन है। इसके पूर्व नागार्जुन, उपेन्‍द्र नाथ अश्‍क, केदार नाथ अग्रवाल और भुवनेश्‍वर पर क्रमश: पटना, इलाहाबाद, बांदा एवं इलाहाबाद में वैचारिक विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है। फ़ैज़ एकाग्र पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय समारोह में फ़ैज़ के साहित्‍य पर चर्चा, मुशायरा/ काव्‍य गोष्‍ठी एवं पोस्‍टर प्रदर्शनी भी आकर्षण के केन्‍द्र में होगा।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...