झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ़ राजा पीटर के राज में शराब माफिया कानून की धज्जिया उड़ा रहे हैं और सरकार के मंत्री को भी मालामाल कर रहे है। स्कूल यूनिफार्म में रहने वाले छात्रों को भी शराब की आपूर्ति करने में शराब माफिया को शर्म नहीं आ रही है। झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ़ राजा पीटर के संरक्षण में कानून को ठेंगा दिखाते हुए शराब माफिया अधिकतम खुदरा मूल्य से ज्यादा कीमत पर शराब की बिक्री खुलेआम कर रहे हैं। उपभोक्ता इस गैरकानूनी कार्य का विरोध करते हैं तो शराब माफिया सीधे जवाब देते हैं कि हर बोतल पर झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ़ राजा पीटर को 25 रुपए रिश्वत देना पड़ता है। उनकी बातों में दम भी नजर आता है क्योंकि इस तरह के गैरकानूनी कार्य पूरे राज्य में खुलेआम हो रहा है और झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ़ राजा पीटर तमाशबीन बने हुए हैं।
शराब माफिया के खिलाफ कहीं कोई करवाई नहीं हो रही है। अभी कुछ ही दिन पहले बुद्ध पूर्णिमा को शराब दुकान बंदी के दिन खुलेआम शराब माफिया दुकान
खोलकर शराब की बिक्री करते रहे, इस मामले में स्थानीय समाचार पत्रों में यह खबर प्रमुखता से फोटो सहित प्रकाशित हुआ फिर भी शराब माफिया के खिलाफ कोई करवाई नहीं हुई। इन सब प्रकरणों को देखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होता है कि झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ़ राजा पीटर शराब माफिया के तलवे चाट रहे है। झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री तो वो लगते ही नहीं है बल्कि शराब माफिया के चौकीदार ज्यादा नजर आ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच हो जाये तो झारखण्ड सरकार के उत्पाद विभाग के मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ़ राजा पीटर और उनके विभाग के जिम्मेवार अधिकारी कानून के घेरे में नजर आयेंगे। स्कूल यूनिफार्म में रहने वाले छात्रों को भी शराब की बिक्री का मामला भी खबरों में चल रहा है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


