पहले अखबारों को समाचार पढ़ने के लिये उपयोग में लाया जाता था, लेकिन अब तो उसमें विज्ञापन की भरमार से अखबारों में न्यूज का अस्तिव कम होते देखा जा सकता है। अखबारों में कुछ विज्ञापन ऐसे होते हैं जिसको देख कर आप के होश उड़ सकते हैं। आइये आपको कुछ ऐसे ही विज्ञापनों के बारे में बताते है। कुछ दिन पहले जब हम कुछ समाचार पत्रों में वर्गीकृत विज्ञापनों को देख रहा था तभी हमारी नजर एक विज्ञापन पर पड़ी जो ”मित्र बनाये” और ”मसाज कराये” के नाम से था। जब हमने इन विज्ञापनो में दिये गये नम्बरों से संपर्क साधा तो पता चला किस तरह से लोग लड़कियों का खुलेआम व्यापार कर रहे हैं। दिये गये नम्बरों पर कॉल किया तो फोन को रिसीव करने वाली लड़कियों ने अपना विवरण बताया और 1000 रु से 2000 रु तक का एमाउंट बताये गये बैंक अकाउंट पर स्थानांतरण करने के लिये बोला।
पैसों का स्थानांतरण होने के बाद वे लोग कुछ मोबाइल नम्बर उपलब्ध कराते हैं। उसके बाद ही राशि तय की जाती है। यह सारा खेल वर्गीकृत विज्ञापनों के जरिये चलाया जा रहा है। चंद मुनाफे के लिये हम अपनी नैतिकता को पीछे छोड़ देते हैं। यह समाज में पनप रही एक बुराई है, जिसे हमें पूरी तरह से खत्म करना ही होगा।

नितिन वर्मा


