दन्तेवाड़ा : भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश में मुहिम छेडऩे वाले अन्ना हजारे को सभी तरफ से समर्थन मिल रहा है। जन लोकपाल के मुददे पर उनके आंदोलन को लेकर सभी की जिज्ञासा बनी हुई है। इधर बस्तर में सक्रिय माओवादियों ने अन्ना के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। जारी बयान में नक्सली नेता रमन्ना ने कहा है कि ऐसे जनवादी आंदोलन आजादी के बाद से लगातार होते रहे हैं, लेकिन वे मुकाम तक नहीं पहुंचे। अन्ना के पहले भी कई लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत की थी, लेकिन परिणाम से पहले ही आंदोलन बिखर गए। उम्मीद की जानी चाहिए अन्ना का आंदोलन इस इतिहास को नहीं दुहराएगा।
माओवादियों की सेंट्रल कमेटी पहले से ही अन्ना के पक्ष में बयान जारी कर चुकी है। इधर रमन्ना के इस बयान के बाद नई हलचल दिखने लगी है। नक्सली नेता ने माना कि भ्रष्टाचार की वजह से ही सामाजिक संघर्ष और विषमता की स्थिति देश में दिखाई देने लगी है। ऐसे में भ्रष्टाचार का खात्मा जरूरी है। अन्ना के आंदोलन से जुड़े कई मुददों पर नक्सली इत्तफाक रखते हैं।
देव शरण तिवारी की रिपोर्ट.


