अन्ना हजारे, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, के गांव रालेगन में मीडियाकर्मी अन्ना की पल पल की खबर करने के लिए पिछले कुछ महीनों से डेरा जमाए हुए हैं. इन मीडियाकर्मियों ने खुद भ्रष्टाचार करते हुए अपनी कंपनियों को ही चूना लगाया है. होटल में रुकने तथा खाने का फर्जी बिल जमा करके चूना लगाया है. दूसरी बात सबसे पहले अन्ना का इंटरव्यू मिले इसलिए अन्ना के सहयोगियों को कुछ पैसे या फिर वस्तुओं का भेंट देकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जिसकी धड़ल्ले से चर्चा हो रही है.
अन्ना हजारे के गांव में दिल्ली में हुए आंदोलन के पहले से लेकर आज तक जो भी गतिविधियां हो रही है उनकी खबरें बनाते हुए गांव में अन्ना के ट्रस्ट के कमरों में मुफ्त रहकर और अन्ना के ट्रस्ट के सेंटर में मुफ्त खाना खा-पीकर पत्रकार पास में स्थित होटल भैरवनाथ के बिल कंपनियों को खर्च के रूप में भेज दिए हैं. भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वाले अना के गांव में मीडिया वाले ही भ्रष्टाचार करके देश को पाक साफ तस्वीर दिखा रहे हैं. मुफ्त का खाना, रहना और नहाने का गरम पानी और पिकनिक स्पॉट जैसा रम्य वातावरण कुछ मीडियावालों को रास नहीं आया. उन्होंने शराब पीकर रालेगन आने और कमरों में बोतल लाने तथा सहयोगी कुछ महिला पत्रकारों के साथ कमरों में रंगरलिया मनाने के कारण कमरे खाली करने पड़े और आसपास के गांव के होटल में रहना पड़ा, लेकिन इस दौरान कंपनियों को फर्जी बिल बनाकर भेजे.
कुछ रिपोर्टर तो रालेगन में रहकर आने जाने के टैक्सी के बिली भी फर्जी बनाकर भेजे और कंपनियों को चूना लगाया क्यों कि अन्ना के नाम पर कुछ भी करो लेकिन खबर नहीं छूटनी चाहिए, ऐसी हिदायत उनको कुछ बीच में बैठे वरिष्ठों ने दे रखी है, जिसका पूरा फायदा कवर करने वाले रिपोर्टर उठा रहे हैं, जिसमें महिला पत्रकार भी पीछे नहीं हैं. जब अन्ना के सहयोगियों ने कमरे खाली करवा लिए तब से सेंटर में खाने के लए 40 रुपये वसूलना भी शुरू कर दिया गया है. एवज में पत्रकार होटल भैरवनाथ के फर्जी बिल में 800 से 1000 का बिल बनाकर कंपनी को चूना लगाकर अपने आने जाने और बाकी खर्च वसूल रहे हैं. बिना पढ़े-लिख व्यवसायी द्वारा होटल भैरवनाथ चलाया जाता है, जिसे देखो वही कहता है कि देखो हम अन्ना जी को कितनी प्रसिद्धि दे रहे हैं तुमको भी चमका देंगे. ऐसा कहकर बेचारे का पूरा बिल बुक फाड़-फाड़कर खाली कर डाला गया है. अन्ना के गांव में ही यह आलम है तो आगे जाने क्या होगा जनलोकपाल बिल का.
अब एक और नायाब तरीका निकाला है पत्रकारों ने. पहले अन्ना से बात करके खबर चलाने के लिए अन्ना के करीबी लोगों से संपर्क कके उनके कुछ लालच देकर, जिसमें मोटी रकम, कुछ भेंट वस्तु जैसे ब्लैकबेरी का मोबाइल, लैपटॉप और साथ सहयोगी की एक स्टोरी चैनल दिखाकर टीआरपी की होड़ में भ्रष्टाचार शुरू हुआ है. अन्ना इन बातों से बेखबर हैं. अन्ना बाहर आकर टीवी वालों को अपना इंटरव्यू दे देते हैं परिणामस्वरूप दो बार मीडियाकर्मियों के बीच हाथापाई हुई और गाली ग्लौज तो कई बार हुई.
सुनील दत्ता की रिपोर्ट.


