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अपने बयान से पलटे मुख्‍य सचिव, बोले मेरा भी परिवार है

लखनऊ :  बलात्‍कार पर जब खबरें छपीं तो मुख्‍य सचिव तिलमिला गये। वजह यह कि न्‍यूज चैनलों और अखबारों में उनका यह बयान आ गया कि इस तरह की छिटपुट घटनाएं तो होती ही रहती हैं। अब वे कह रहे हैं कि उन्‍होंने ऐसी कोई बात कही ही नहीं थी। दरअसल, सूबे को पिछले कुछ दिनों से बलात्‍कार की ताबड़तोड़ घटनाओं ने राजनीतिक बवंडर खड़ा कर रखा है। जबकि प्रदेश सरकार की ओर से उनके नुमाइंदे इस मामले से निपटने के बजाय अब समाचार माध्‍यमों से संयम बरतने की अपील करते दिख रहे हैं। सोमवार को प्रदेश के सूचना सचिव और लखनऊ के आयुक्‍त प्रशांत त्रिवेदी तक ने आनन-फानन प्रेस को बुलाया और हाथ जोड़कर मीडियावालों से बोले कि इस तरह की घटनाओं पर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए और इसके लिए खबरों में संयम बहुत जरूरी है। उन्‍होंने मीडिया वालों से अनुरोध किया कि वे खबरों को दिखाते समय संयम रखें।

लखनऊ :  बलात्‍कार पर जब खबरें छपीं तो मुख्‍य सचिव तिलमिला गये। वजह यह कि न्‍यूज चैनलों और अखबारों में उनका यह बयान आ गया कि इस तरह की छिटपुट घटनाएं तो होती ही रहती हैं। अब वे कह रहे हैं कि उन्‍होंने ऐसी कोई बात कही ही नहीं थी। दरअसल, सूबे को पिछले कुछ दिनों से बलात्‍कार की ताबड़तोड़ घटनाओं ने राजनीतिक बवंडर खड़ा कर रखा है। जबकि प्रदेश सरकार की ओर से उनके नुमाइंदे इस मामले से निपटने के बजाय अब समाचार माध्‍यमों से संयम बरतने की अपील करते दिख रहे हैं। सोमवार को प्रदेश के सूचना सचिव और लखनऊ के आयुक्‍त प्रशांत त्रिवेदी तक ने आनन-फानन प्रेस को बुलाया और हाथ जोड़कर मीडियावालों से बोले कि इस तरह की घटनाओं पर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए और इसके लिए खबरों में संयम बहुत जरूरी है। उन्‍होंने मीडिया वालों से अनुरोध किया कि वे खबरों को दिखाते समय संयम रखें।

सोमवार को ही प्रदेश की वार्षिक योजना के लिए केंद्र से 74 हजार करोड़ का लिफाफा लेने दिल्‍ली पहुंचे प्रदेश के मुख्‍य सचिव अनूप मिश्र से पत्रकारों ने सूबे में बलात्‍कार की वारदातों पर भी कई सवालात किये थे। तब मीडिया के सामने अनूप मिश्र का कहना था कि ऐसी छिटपुट घटनाएं तो होती ही रहती हैं और इसीलिए ऐसी घटनाओं से किसी भी प्रदेश की कानून-व्‍यवस्‍था का मूल्‍यांकन नहीं किया जा सकता है। उनका कहना है कि यूपी में अपराध पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन को सख्‍ती बरतने के निर्देश दे दिये गये हैं। पत्रकारों को नसीहत देने वाले अफसरों की कवायद से इतर इस संवेदनशील मसले पर सूबे के मुख्‍य सचिव अनूप मिश्र के इस बयान को समाचार माध्‍यमों ने खासी तरजीह दी थी।

इसी से बौखलाये श्री मिश्र आज सोमवार के अपने ही बयान से पलट गये। आज उनके कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि श्री मिश्र ने ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं था। बयान में श्री मिश्र के हवाले से कहा गया है कि दिल्‍ली में वार्षिक प्‍लान की ब्रीफिंग के दौरान यह सवाल पूछे जाने पर हाल की आपराधिक घटनाओं के आधार पर क्‍या यह कहा जा सकेगा कि प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था की हालत खराब है, मुख्‍य सचिव ने यह कहा था कि प्रदेश में अपराध की स्थिति नियंत्रण में है और हाल की घटनाओं के आधार पर यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्‍यवस्‍था ठीक नहीं है। लेकिन कुछ समाचार संस्‍थानों ने इसका यह निष्‍कर्ष निकाल लिया कि ”छिटपुट घटनाएं तो होती रहती है”। मुख्‍य सचिव का कहना है कि यह बात पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। उनका कहना है कि यह दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि मेरे वक्‍तव्‍य को इस भ्रामक तरीके से प्रस्‍तुत किया गया। अब मुख्‍य सचिव का कहना है कि मेरा अपना स्‍वयं का परिवार है और इस प्रकार के कथन से मुझे स्‍वयं बेहद कष्‍ट हुआ है।

मुख्‍य सचिव अनूप मिश्र का कहना है कि हाल की अपराध की घटनाओं को लेकर यह नहीं कहा जा सकता है कि प्रदेश में कानून-व्‍यवस्‍था की हालत ठीक नहीं है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार इन सभी घटनाओं को लेकर बेहद सजग और गंभीर है और दोषी लोगों के खिलाफ अत्‍यंत कठोर कार्रवाई करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।

लखनऊ से कुमार सौवीर की रिपोर्ट.

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