औरैया : अपनी बीबी को अमेरिका से भारत बुला कर लाने के बाद भाडे़ के हत्यारों के जरिये लूट का नाटक करने के बाद मौत के घाट उतरवा दिया और वारदात को लूट के चलते हुई हत्या बता दिया, लेकिन पुलिस के सामने चाल फरेबी छुप नहीं पाई। अपनी बीबी की हत्या करवाने के पीछे महिला की ओर से पति का उत्पीड़न करना और पति के मां-बाप से बात ना करने देने जैसे कारण सामने आए हैं। माना जा है इसी वजह से भारत आकर गणेश ने अपनी बीबी को मौत के घाट उतरवाया। कहा जा रहा है कि अगर अमेरिका हत्या करवाता तो वहां के कानून के हिसाब से बड़ी सजा तुरंत मिल जाती, लेकिन भारत में अपराध पर कानूनी तौर पर लाभ की उम्मीद में हत्या कराई है।
उत्तर प्रदेश के जिला औरैया के कोतवाली क्षेत्र में 27 जुलाई को अंशुल (35) की घर में घुस कर हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या के पीछे उसके पति और उसका परिवार का हाथ है। गिरफ्तार पति, ससुर, सास और ननद के अलावा दो भाड़े के बदमाश राहुल तिवारी और ओम चौधरी ने स्वीकार किया कि अंशुल की हत्या दो लाख की सुपारी देकर करायी गयी थी। मृतका अपने पति गणेश शंकर दत्त मिश्रा को अमेरिका से औरैया में आने से रोकती थी। पिता और पुत्र के रिश्ते में दीवार बनी इस बहू की हत्या की साजिश रचकर पूरे परिवार ने हत्या करवा दी और मामला लूट का बनाकर समाज और पुलिस को बेबकूफ बनाने की कोशिश की गयी, लेकिन औरैया एसएसपी अब्दुल हमीद और उनकी पुलिस टीम ने अपनी समझदारी से रहस्य से पर्दा उठा दिया और कातिलों तक पहुँच गए।
आई जी कानपुर चन्द्र प्रकाश ने इस जांबाज पुलिस टीम को पंद्रह हजार रुपये का इनाम दिया है। सिर्फ दो दिन में ही कातिलों को गिरफ्तार करने वाली इस टीम की औरैया एसएसपी ने भी हौसला अफजाई की है, साथ ही उन्होंने भी पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है। इस हत्याकांड में पकडे़ गए भाड़े के बदमाश राहुल तिवारी ग्राम लोहाई थाना सिरसा कला जिला जालौन और ओम चौधरी कोतवाली औरैया क्षेत्र का ही निवासी है। ओम चौधरी मृतका अंशुल की ननद की सहेली मधु का भाई है। घटना को अंजाम देने के लिए इसी से ननद मीना ने संपर्क किया था और 27 जुलाई को सुबह चार बजे पूरे प्लान के तहत बेचारी अंशुल को मौत के घाट उतार दिया गया। सभी कातिलों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतका का पति अपने दो बच्चों सहित 23 जुलाई को अमेरिका से औरैया आये थे। अमेरिका में फ्लोरिडा सिटी में इंजीनियर पति गणेश शंकर को अमेरिकन नागरिकता प्राप्त है। वह अपने पिता डीडी मिश्रा और परिवार से हाल-चाल लेने का बहाना करके यहाँ आये और पत्नी की हत्या की साजिश रच डाली। इस रहस्यमयी घटना का खुलासा कर देना पुलिस के लिए सराहनीय कार्य है।
पहले वारदात में अमेरिका से लौटने वालों के साथ बुरा हुआ माना जा रहा था। इकलौते बेटे की वर्षों बाद वतन वापसी पर जो मां-बाप फूले नहीं समा रहे थे, उनकी खुशियां क्षणिक निकलीं। सेवानिवृत्त प्रवक्ता देवदत्त ने सिसकते हुए कहा कि उनके बेटे को वतन वापसी रास नहीं आयी। तिलक इंटर कालेज में विज्ञान के प्रवक्ता रहे देवदत्त मिश्र ने बताया कि उनका पुत्र गणेश शंकर बचपन से ही मेधावी है। उसकी प्रतिभा को देखकर उच्च शिक्षा के लिए उसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाया गया, जहां से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर वह सूचना अधिकारी के पद तक पहुंचा। बाद में अपनी योग्यता के बल पर उसने अमेरिका में जॉब हासिल किया और वर्तमान में एक कंपनी में बड़े ओहदे पर तैनात है।
करीब 20 वर्ष पूर्व उसने बिजनौर निवासी अंशुल मिश्रा से शादी की और पत्नी समेत अमेरिका में ही रहने लगा। उन्होंने बताया कि गणेश शंकर 14 जुलाई को परिवार सहित भारत आये थे और कुछ शहरों का भ्रमण करने के बाद 23 जुलाई को औरैया स्थित अपने घर पहुंचे। लाड़ले बेटे की पत्नी की दर्दनाक मौत पर वृद्ध दम्पति की आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उधर अंशुल की बेटियां आयुष और अदिति भी बेहद गमगीन थीं। उन्हें अपनी मां की मौत का विश्वास ही नहीं हो पा रहा था।
गुरुवार शाम गमगीन माहौल में स्थानीय शेरगढ़ घाट पर अंशुल मिश्रा की अंत्येष्टि की गयी। दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद शव शहर पहुंचा तो कोहराम मच गया। सैकड़ों लोग मृतका के घर पहुंचे। अंशुल के मायके पक्ष के लोग भी गुरुवार को औरैया पहुंच गये। गुरुवार को पीएम के बाद अंशुल का शव वापस औरैया पहुंचा। शाम को परिवारीजनों तथा मोहल्लावासियों की मौजूदगी में शेरगढ़ घाट पर शव की अंत्येष्टि कर दी गयी। उधर हादसे की सूचना मिलने पर बिजनौर से अंशुल की मां, मामा तथा भाई औरैया पहुंचे, दुबई से अंशुल के बहन और बहनोई भी शहर पहुंच चुके थे। अंशुल के मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालीजनों पर कोई आरोप तो नहीं लगाया लेकिन हत्याकांड की परिस्थितियों पर उन्होंने दुखद विस्मय जरूर व्यक्त किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों की माने तो कुछ सुराग हाथ लगे हैं।
बुधवार तड़के शहर की घनी आबादी वाले मोहल्ला बघाकटरा में एनआरआई गणेश शंकर मिश्र की पत्नी अंशुल मिश्रा की बदमाशों ने लूटपाट के दौरान हत्या कर दी थी। हाई प्रोफाइल मामला होने के चलते आईजी चंद्रप्रकाश ने आकर जांच पड़ताल कर जल्द खुलासे की हिदायत दी थी। घटना से एक दिन पहले एनआरआई दंपती खरीददारी के लिए दोनों पुत्रियों के साथ किराये की कार से कानपुर गये थे। पुलिस ने इस दिशा में भी तफ्तीश की है।
औरैया से दिनेश शाक्य की रिपोर्ट.


