आस्था, प्रेम भावना, देश भक्ति और ऋषि मुनियों की धरती कहा जाने वाला पवित्र भारत देश आज कुछ निकम्मे बाबाओं से शर्मसार होने पर मजबूर हो गया है। हर रोज कोई नया बाबा और मियां पैदा हो जाता है और तमाम प्रकार के प्रलोभन देते हुए हर तरीके की मर्ज दूर करने की गारंटी देकर लोगो का शोषण करता है। आये दिन इस तरीके के बाबा एक नयी दुकान खोलकर बैठ जाते हैं। इन बाबाओं को न तो पुलिस देखती है और न ही प्रशासन। जब ये बाबा कोई बड़ा कांड कर डालते है तो मालूम चलता है कि जो बाबा कल तक जनता के ग्रह-नक्षत्रों को ठीक करने की हामी भर रहे थे वे या तो मर्डर मामले में वांटेड है या उन पर तमाम प्रकार के मुकदमे चल रहे है या फिर ये कई बार जेल की हवा खा चुके है। आज ही नहीं इन पर सदियों से सवाल उठते रहे है, लेकिन बाबाओं की दुकानदारी कभी बंद नहीं हुई।
आज कल हरदोई में भी एक ऐसे ही बाबा लगातार अपने इश्तेहार दे रहे है, जिसका प्रमाण इस मेल के साथ संलग्न है। ये तथाकथित मियां दुनियां भर की हर प्रकार कि मर्जों को दूर करने के स्पेशलिस्ट हैं तथा इनके पर्चे आजकल हर तीसरे दिन लोगों में बांटे जा रहे है लेकिन जिला प्रशासन तथा पुलिस आँख मीचे बैठी है। इस सबसे एक सवाल तो मन में आता ही है कि इसका जिम्मेदार कोन है? इसकी ज़िम्मेदार खुद जनता है, जो पाखंडियों पर ऑंखें मूंद कर विस्वास कर लेती है और उससे भी ज्यादा ज़िमेदार है प्रसाशन जो इनकी तरफ कभी भी गलती से भी ध्यान देने कि जुर्रत नहीं करता। बस ऑंखें बंद करके बैठा रहता है या फिर आम आदमी को परेशान करने के लिए ज्यादा जाना जाता है। प्रशासन को चाहिए कि इस प्रकार के सभी बाबाओं की जाँच करवाई जाये और इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये।

एस गोपाल द्विवेदी
हरदोई
यूपी


