भोपाल : मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि मुरैना में अवैध खनन रोकने के अभियान में लगे आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की हत्या मामले की जांच राज्य सरकार सीबीआई से कराने को तैयार है. सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वैसे तो इस हत्याकांड की न्यायिक जांच के आदेश दे दिये थे, परन्तु आईपीएस की पत्नी व आईएएस अधिकारी मधु रानी तेवतिया के अनुरोध पर राज्य सरकार सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है.
शिवराज सिंह ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि दिवंगत आईपीएस की पत्नी मधुरानी की भावना का आदर करते हुए प्रदेश सरकार ने आज ही इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजने का निर्णय लिया है. चौहान ने कहा कि सरकार की पूरी सहानुभूति आईपीएस अफसर के परिवार के साथ है. उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी मधु रानी इस प्रदेश की बेटी और मेरी बहन हैं. उनसे मेरी मुलाकात हुई और उनकी इच्छा के बाद ही सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है.
पत्रकारों द्वारा यह सवाल किये जाने पर कि सदन में स्थगन प्रस्ताव को लेकर जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा था, तब उन्होंने सीबीआई जांच की घोषणा क्यों नहीं की, तो चौहान ने कहा कि हमने तो अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी से आग्रह किया था कि हम प्रश्नकाल रोककर विपक्ष के कामरोको प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष ही इस चर्चा से भाग रहा था तथा चर्चा से पहले सीबीआई जांच की घोषणा पर अड़ा हुआ था. यदि प्रस्ताव पर चर्चा होती तो उन लोगों को सदन में निर्णय की जानकारी मिल जाती. यह पूछने पर कि अब मामले की न्यायिक जांच संबंधी सरकार के फैसले का क्या होगा, उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने उच्च न्यायालय को पत्र भेजकर किसी वर्तमान न्यायाधीश से जांच का आग्रह किया है, लेकिन अब सीबीआई जांच के लिए केन्द्र को पत्र भेजने के निर्णय के बाद वैधानिक स्थिति क्या होगी, इसका वह परीक्षण कराएगी.
श्री चौहान ने यह भी बताया कि उनकी मधुरानी से बात हुई है और वह आईएएस का मध्य प्रदेश कैडर नहीं बदलने को तैयार हैं. इसके पहले मधुरानी ने कहा था कि वह अपना आईएएस कैडर बदलना चाहती हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी इच्छा के अनुसार सीबीआई जांच के लिए सरकार के तैयार होने के बाद उन्होंने कैडर बदलने का विचार त्याग दिया है. हम उनको न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध हैं. इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके कानूनी सजा जरूर मिलेगी.


