इटावा। अगर मुसलमानों के हकों को वायदे के मुताबिक नहीं दिया गया तो 2014 के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी से उसका हिसाब चुकता कर लिया जायेगा। अगर वायदे के मुताबिक समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों के हकों को दिया तो दिल्ली की गद्दी का रास्ता तो उत्तर प्रदेश से ही जाता है। मुसलमान पूरी ताकत से समाजवादी पार्टी का साथ देगा। ये बात रविवार दोपहर यहां देश के चोटी के धार्मिक गुरु व दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने मीडिया के सामने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सात शाल से आजाद भारत में मुसलमानों के साथ मजाक को रहा है। उनके हकों की किसी को कोई चिंता नहीं है। पहली बार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अभी हाल के विधानसभा चुनावों में मिले मुस्लिम समर्थन के बाद मुसलमानों के हकों को देने का वायदा किया है। सरकार ने उस पर अमल भी शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बीच में ऐसा लगा कि उसके हक वायदे के मुताबिक नहीं दिये जा रहे है तो मैंने हल्ला बोला अब अमल शुरू हो गया है। विधान परिषद में मेरे दामाद ने हकों पर वायदों के मुताबिक अमल न होने पर नामांकन नहीं किया। जब पार्टी के सुप्रीमों व मुख्यमंत्री ने अमल का वायदा किया तो नामांकन किया गया। राज्य सरकार ने प्रशासन के ओहदों पर भी अमल शुरू कर दिया है। हमने मान की है कि डीएम, एसएसपी व दूसरे आला अधिकारियों की कुर्सी पर भी मुस्लिमों को बैठाया जाये। इस पर अमल शुरू हो गया है कल ही मुझे शासन ने ये जानकारी दी है। आगे राज्य सरकार में नुमायंदगी बढे़गी। शाही इमाम अब्दुल्ला बुखारी से जब पत्रकारों ने 18 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते ऐसा संभव ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि वे वैसे भी जाति वादी आधार पर आरक्षण दिये जाने के खिलाफ है। पसमानदा के आधार पर मुसलमानों की मदद की जानी चाहिए। आरक्षण से तो मुसलमानों में आपसी संघर्ष बढेगा। पडोसी मुल्कों में स्थिति बेहद खराब है। इस्लाम में ऊंच-नीच की जगह नहीं है। उन्होंने सच्चर कमेटी की सिफारसों को लागू किये जाने की मांग की। दोपहर दिल्ली से सड़क मार्ग से यहां एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे शाही इमाम ने कहा कि हमने समाजवादी पार्टी का विधानसभा चुनावों में खुलकर समर्थन दिया हमारी कोम ने खुले आम वोट दिया। समाजवादी पार्टी को तख्तो ताज दिया अब मुसलमानों के सिर पर ताज रखने का मौका आया है सपा को इसे पूरा करना चाहिए। हम मजलूम कोम के सिर पर ताज देखना चाहते हैं। जिन्दगी की आखिरी सांसों में मुसलमानों के लिए कोशिश करता रहूंगा। मैंने समाजवादी पार्टी को छह महीने का मौका दिया हैं। मुलायम सिंह यादव से हमसे वायदा किया है।
मीडिया के लोगों ने समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां को लेकर भी सवाल किये तो मौलाना बुखारी उनको टाल गये। बोले कोई सत्ता की कुर्सी पर बैठकर बड़ा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में मुसलमानों की तालीम, रोजगार और प्रदेश की तरक्की होगी। मुस्लिमों को उनकी पूरी हिस्सेदारी मिलेगी। जाने अंजाने में ना इंसाफी हुई है लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा। ये आश्वासन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने दिया है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इस मौके पर साथ थे। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर स्वयं ही ऐलान किया हैं हमें इंतजार तो करना ही होगा। अगर वायदों को अमलीजामा नहीं पहनाया जाता तो 2014 के लोकसभा चुनावों में हम हिसाब चुकता कर लेंगे। समर्थन में देर लगती है वोट दिलाने में भी समय लगता है लेकिन समर्थन वापसी में कोई समय नहीं लगता।
इटावा से वरिष्ठ पत्रकार सुभाष त्रिपाठी की रिपोर्ट.


