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इश्‍क में हो गया तकनॉलॉजी का प्रयोग, कर डालीं पांच शादियां

लखनऊ: काम-कला में तो तकनीकी का इस्‍तेमाल खूब सुना होगा आपने, लेकिन हर एक युवती से इश्‍क फरमाने की बातें तो केवल फिल्‍मों में ही दिखायी पड़ती हैं। मगर लखनऊ में एक ऐसे शिक्षक ने मोहब्‍बत और सम्‍प्रदाय की टेक्‍नॉलॉजी का मनचाहा इस्‍तेमाल किया और आधा दर्जन से ज्‍यादा युवतियों का जीवन तबाह कर दिया। मामला अब पुलिस में है और जाहिर है कि इस शिक्षकनुमा आशिक को हवालात भेजने की कवायद हो रही है। खबर है कि पत्रकारों से अच्‍छे रिश्‍ते रखने वाले इस शख्‍स के पक्ष में पत्रकारों का एक गुट भी सक्रिय हो गया है।

लखनऊ: काम-कला में तो तकनीकी का इस्‍तेमाल खूब सुना होगा आपने, लेकिन हर एक युवती से इश्‍क फरमाने की बातें तो केवल फिल्‍मों में ही दिखायी पड़ती हैं। मगर लखनऊ में एक ऐसे शिक्षक ने मोहब्‍बत और सम्‍प्रदाय की टेक्‍नॉलॉजी का मनचाहा इस्‍तेमाल किया और आधा दर्जन से ज्‍यादा युवतियों का जीवन तबाह कर दिया। मामला अब पुलिस में है और जाहिर है कि इस शिक्षकनुमा आशिक को हवालात भेजने की कवायद हो रही है। खबर है कि पत्रकारों से अच्‍छे रिश्‍ते रखने वाले इस शख्‍स के पक्ष में पत्रकारों का एक गुट भी सक्रिय हो गया है।

 

इलाहाबाद के जार्ज टाउन इलाके के रहने वाले हैं मनोज कृष्‍ण। ज्ञान के स्‍तर पर इंजीनियर हैं। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उन्‍होंने इंजीनियरिंग की डिग्री आखिर ली तो कहां से। लेकिन इसके बावजूद उन्‍होंने एक इंजीनियरिंग कालेज जरूर खोल लिया और खुद उसके डाइरेक्‍टर बन गये। शादी पहले ही हो गयी थी। वहीं, इलाहाबाद में ही कहीं। लेकिन इश्‍क के ऐसे बाजीगर हैं कि जहां जगह देखी, दिल फेंक मारा।

लेकिन कालेज खुलने के कुछ ही समय बाद उन्‍हें एक छात्रा में हसीना के गुण दिखायी पड़ गये। मोहब्‍बत आगे कैसे बढ़ायी जाए, यह दिक्‍कत तब सामने आयी जब पता चला कि वह लड़की मुस्लिम है। लेकिन यहां पर मनोज कृष्‍ण का तकनालाजी ज्ञान काम आ गया। मोहब्‍बत की पींगे बढ़ाने के लिए उन्‍होंने उसे अपना परिचय मोहम्‍मद कामिल के तौर पर दिया। पींगें बढ़ने लगीं और आखिरकार जल्‍दी ही दोनों में निकाह हो गया। कुछ दिन तो यह आनंदोत्‍सव चलता रहा, लेकिन अचानक फिर एक हूर की परी नजर आ गयी। वह भी मुसलमान थी। लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली। मोहम्‍मद कामिल साहब की पहले आजमायी हुई काबिलियत यहां फौरन काम आ गयी और वह बेचारी उनके हरम में शामिल हो गयी। हालांकि उसके लिए ख्‍वाहगाह की व्‍यवस्‍था अलग से की गयी थी। कालेज के मालिक होने के नाते मनोज कृष्‍ण के पास पैसे तो अथाह थे ही।

कुछ दिन यह भी चला, लेकिन इश्‍क का आखिर क्‍या किया जाए। दिल ही तो था, फिर आ गया एक और पर। लेकिन वह हिन्‍दू थी। अब यहां से मोहम्‍मद कामिल ने मुसलमान होने का लबादा उतारा और बाकायदा उससे पूरे रीति-रिवाजो के साथ शादी कर ली। रहने की व्‍यवस्‍था‍ फिर अलग हुई। और दोनों सपनों में गोते लगाने लगे।

अब कहानी ने फिर एक नई करवट ली और मनोज से कामिल, और कामिल से मनोज बने इस वहशी शिक्षक ने खुद को फिर से मोहम्‍मद कामिल बना लिया। वजह यह कि लखनऊ के ही चौक इलाके में रहने वाली काफिया नाम की एक युवती से उनकी आंखें चार हो चुकी थीं। इश्‍क नयी डाल पर नये सिरे से और नये अंदाज में परवान चढ़ने लगा। लेकिन होनी को क्‍या कहा जाए, काफिया को कुछ शक हुआ और उसने अपने आशिक का पता लगाना शुरू कर दिया। माजरा सामने आते ही वह सन्‍नाटे में आ गयी।

लेकिन उसने इस अपमान और उसे धोखा देने वाले शख्‍स को सबक सिखाने की ठान ही ली। बाकायदा चौक कोतवाली पहुंची और मनोज कृष्‍ण उर्फ मोहम्‍मद कामिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच में पता चला कि इस घिनौने आशिक के नाम लखनऊ के ठाकुरगंज, गोमतीनगर और इलाहाबाद के जार्ज टाउन थाने पर पहले से ही धोखेबाजी का मुकदमा दर्ज हो चुका है।

 

तो अब मनोज कृष्‍ण उर्फ मोहम्‍मद कामिल उर्फ इश्‍क के धोखेबाज शिक्षक सलाखों के पीछे हैं। पुलिस अब

कुमार सौवीर

उन्‍हें अदालत में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।

लेखक कुमार सौवीर लखनऊ के जाने-माने और बेबाक पत्रकार हैं. कई अखबारों और न्यूज चैनलों में काम करने के बाद इन दिनों आजाद पत्रकारिता कर रहे हैं. उनसे संपर्क 09415302520 के जरिए किया जा सकता है.

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