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नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अंतरिक्ष आधारित सेवाओं के प्रयोग से भारत में बदलाव लाने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को उसकी सेवाओं के लिए 2014 के गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। इस समारोह में यह पुरस्कार इसरो अध्यक्ष ए.एस.किरण कुमार को प्रदान किया गया, जिसमें एक करोड़ रूपये की नगद धनराशि, एक प्रशस्ति पत्र और पट्टिका दी गयी।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने इसरो की उपलब्धियां की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले के सालों में सीमित संसाधनों, सीमित तकनीकी श्रमशक्ति और भौतिक बुनियादी ढांचे की चुनौतियों का जवाब देते हुए इसरो ने आज अभियान संबंधी अंतरिक्ष प्रणालियां और सेवाएं विकसित की हैं। साथ ही स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास में आत्मनिर्भरता प्राप्त की है तथा अंतरिक्ष अन्वेषण में अनुकरणीय कुशलता दिखाई है। मुखर्जी ने कहा कि थुंबा से वातावरण अध्ययन के लिए छोटे रॉकेटों के प्रक्षेपण से लेकर, इसरो आज दुनिया की छह सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसियों में शुमार हो गया है। मंगल पर पहुंचने वाली इसरो दुनिया की चौथी अंतरिक्ष एजेंसी है।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद किरण कुमार ने कहा, ‘‘मेरे संगठन इसरो की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करते हुए मुझे अत्यंत गौरव और सम्मान का अनुभव हो रहा है।’’ हर वर्ष राष्ट्रपति गांधी शांति पुरस्कार प्रदान करते हैं। समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।


