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उत्‍कृष्‍ट सेवा के लिए डा. नीलम गुप्‍ता को उद्योग रत्‍न पुरस्‍कार

नई दिल्ली :  बुधवार को आरोह फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम गुप्ता को ‘उद्योग रत्न पुरस्कार’  से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार इंस्टीट्यूट ऑफ इक्नोमिक्स स्टडीज द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में प्रदान किया गया। इसके साथ ही आरोह फाउंडेशन को 10 राज्यों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। इसके पहले यह सम्मान कई प्रतिष्ठित लोगों को मिल चुका है। जिसमें रामकृष्ण बजाज, हरिशंकर सिंघानिया, विजय माल्या, आबिद हुसैन, केजी रामचन्द्रन (CMD-BHEL), ए.ए. खान (MD-PFCL), एस.के. गुप्ता (CMD-VSNL) ऐसे ही कई लोग है, जिन्हें ये सम्मान मिल चुका है। इसी क्रम में यह सम्मान डॉ. नीलम गुप्ता को शेखर दत्त गवर्नर छत्तीसगढ़ द्वारा दिया गया। यह सम्मान आरोह फाउंडेशन की सीनियर प्रोग्राम मैनेजर ज्योति श्रीवास्तव ने प्राप्त किया।

नई दिल्ली :  बुधवार को आरोह फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम गुप्ता को ‘उद्योग रत्न पुरस्कार’  से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार इंस्टीट्यूट ऑफ इक्नोमिक्स स्टडीज द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में प्रदान किया गया। इसके साथ ही आरोह फाउंडेशन को 10 राज्यों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। इसके पहले यह सम्मान कई प्रतिष्ठित लोगों को मिल चुका है। जिसमें रामकृष्ण बजाज, हरिशंकर सिंघानिया, विजय माल्या, आबिद हुसैन, केजी रामचन्द्रन (CMD-BHEL), ए.ए. खान (MD-PFCL), एस.के. गुप्ता (CMD-VSNL) ऐसे ही कई लोग है, जिन्हें ये सम्मान मिल चुका है। इसी क्रम में यह सम्मान डॉ. नीलम गुप्ता को शेखर दत्त गवर्नर छत्तीसगढ़ द्वारा दिया गया। यह सम्मान आरोह फाउंडेशन की सीनियर प्रोग्राम मैनेजर ज्योति श्रीवास्तव ने प्राप्त किया।

डॉ. नीलम गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से एग्रीकल्चर साइंस से शोध में गोल्डमेडलिस्ट रह चुकी हैं। इसके साथ ही गरीबों के लिए सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में उत्थान के लिए सराहनीय काम किया है। डॉ. गुप्ता आरोह फाउंडेशन के जरिए कई हजार गरीब तबके के बच्चों को स्कूल से जोड़ा और महिलाओं को जीविका पालन के लिए निःशुल्क रोजगार परक प्रशिक्षण की व्यवस्था की। आरोह फाउंडेशन की यह सराहनीय पहल है जो सभी के लिए समान शिक्षा और रोजगार के लिए 2008 से काम कर रही है। आरोह वर्ष 2010-11 में 5000 से ज्यादा युवक और युवतियों को रोजगार हेतु प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा है। आरोह फाउंडेशन स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, उड़ान और गरिमा कार्यक्रम के जरिए युवक-युवतियों को रोजगार दिलाया है। गेल और आरोह के सौजन्य से पढ़ो-बढ़ो केन्द्र से 3200 बच्चों को स्कूली शिक्षा प्रदान किया है जो गरीबी के कारण दुकानों पर काम करने से प्राथमिक शिक्षा नहीं ले पाते। ऐसे में आरोह फाउंडेशन उन बच्चों को किताबों की दुनिया से जोड़ने का भी सराहनीय प्रयास किया है।

इस बारे में आरोह फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम गुप्ता ने बताया कि आरोह जिस तरह से 10 राज्यों में काम कर रही है इसके लिए आरोह की पूरी टीम बधाई की पात्र है। जिनके सहयोग से आज ये सम्मान प्राप्त हुआ है। आरोह का प्रयास यही रहेगा कि आने वाले समय में सभी राज्यों में आर्थिक स्थिति को शिक्षा और रोजगार के जरिए सुधारा जा सके। इसके साथ ही ऐसे लोगों को समाज में आर्थिक रूप से समान बनाना और शिक्षित करना आरोह का मुख्य उद्देश्य है। इस बारे में आरोह फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर ज्योति श्रीवास्तवा ने कहा कि आरोह जिस तरह से आज अपने अथक प्रयासों से इस मुकाम पर पहुंची है और आज ये सम्मान हासिल कर रही है। आरोह के लिए यह बहुत गर्व की बात है। इसके लिए आरोह फाउंडेशन की पूरी टीम बधाई की पात्र है, आज टीम की लगन औऱ मेहनत की वजह से आरोह को यह सम्मान मिला।

आरोह फाउंडेशन :  आरोह फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के उन गरीब तबके के लोगों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और शिक्षित बनाना है। जिसके लिए संस्था भारत सरकार की परियोजना स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत यूपी, हरियाणा और राजस्थान में 18-35 साल के 7000 बीपीएल बेरोजगारों को निःशुल्क रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है। दिल्ली में गरीब तबके के लोगों को शिक्षा के प्रति बढ़ावा देने के लिए बच्चों के लिए निःशुल्क केन्द्र ‘पढ़ो-बढ़ो’ के नाम से ‘गेल’  के सौजन्य से अनौपचारिक प्रशिक्षण केन्द्र चला रही है, जहां कुल 3200 से भी ज्यादा बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही महिलाओं को रोजगार से जोड़ने व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चंडीगढ़ में वाप्कोस के सौजन्य से ‘गरिमा’  नाम से निःशुल्क केन्द्र चला रही है,  जहां पर महिलाए सिलाई, कढ़ाई, पेंटिंग और बैगमेकिंग का काम सीख रही है।

दिल्ली और एनसीआर में महिलाओं के लिए उड़ान नाम से 4 निःशुल्क केन्द्र खोले गए हैं,  जो ओएनजीसी, वार्कलेज, इंडियन ऑयल और पावर ग्रिड के सौजन्य से चलाए जा रहे हैं। मेघालय और असम में ग्रामीण विकास हेतु महिलाओं को बकरी पालन, मशरूम उत्पादन जैसे कामों में प्रशिक्षण देकर महिलाओं को समाज में आगे बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। इसकी वेबसाइल www.aroh.in पर और जानकारियां प्राप्‍त की जा सकती हैं।

आर्थिक अध्यन संस्थान (IES) : 1980 में संस्था की स्थापना हुई थी। देश में उद्योग विकास के लिए तथा उसके समस्याओं के समाधान के लिए अर्थशास्त्रियों द्वारा इस संस्था को स्थापित किया गया। जिससे देश में उद्योग विकास को बढ़ावा मिले और देश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। www.iesindia.org.के जरिए इसके बारे में जाना जा सकता है। प्रेस रिलीज

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