चूरू। भारत सरकार की साहित्य अकादमी, नई दिल्ली की ओर से राजस्थानी भाषा का पहला युवा पुरस्कार 2011 चूरू के साहित्यकार दुलाराम सहारण को उनके प्रथम कहानी संग्रह ‘पीड़’ के लिए दिया जाएगा। अकादेमी द्वारा मान्य सभी भारतीय भाषाओं के लिए शुरू किए गए इस पुरस्कार की घोषणा सोमवार शाम की गई। अकादमी सचिव अग्रहार कृष्णमूर्ति के मुताबिक युवा पुरस्कार के तहत सम्मानित साहित्यकार को एक विशेष समारोह में उत्कीर्ण ताम्रफलक एवं पचास हजार रुपए नकद प्रदान किए जाएंगे। चूरू जिले की तारानगर तहसील के गांव भाड़ंग में 15 सितंबर 1976 को मां जहरोदेवी व पिता मनफूलराम के घर जन्मे दुलाराम सहारण इससे पूर्व भत्तमाल जोशी साहित्य पुरस्कार 1997, ज्ञान फाउंडेशन सम्मान एवं बसंती देवी धानुका युवा साहित्यकार पुरस्कार 2009 से सम्मानित हो चुके हैं।
‘पीड़’ के अलावा उनकी राजस्थानी बाल उपन्यास ‘जंगल दरबार’, राजस्थानी बाल कथा संग्रह ‘क्रिकेट रो कोड’, हिंदी बालकथा संग्रह ‘चांदी की चमक’ आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा राजस्थानी कथा संग्रह ‘बात न बीती’ का संपादन उन्होंने किया है। बचपन से ही साहित्य में रूचि रखने वाले दुलाराम की रचनाएं माणक, जागती जोत, राजस्थली सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। फिलहाल सहारण गैर सरकारी संगठन ‘प्रयास’ संस्थान के अध्यक्ष हैं और अपनी संस्था के जरिए क्षेत्रा में साहित्यिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष सुनील गंगोपाध्याय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कार्यकारी मंडल की बैठक में 16 भारतीय भाषाओं के युवा पुरस्कारों का अनुमोदन किया गया। सहारण के अलावा हिंदी में उमाशंकर चौधरी, कन्नड़ में वीरन्ना मादिवालरा, कश्मीरी में निसार आजम, मराठी में ऐश्वर्य पाटेकर, ओड़िया में गायत्री बाला पांडा, पंजाबी में परमवीर सिंह, बांग्ला में विनोद घोषाल, मलयालम में सुष्मेष चंद्रोथ, कोंकणी में जोफा गोन्साल्विस, तेलुगु में वेमपल्ली गंगाधर तथा तमिल में एम. तवासी, मैथिली में आनंद कुमार झा, गुजराती में ध्वनिल पारेख, अंग्रेजी में विक्रम संपत तथा असमिया में अरिंदम बरकतकी को यह पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है।


