नई दिल्ली। बुधवार को पेश किए गए दिनेश त्रिवेदी के पहले रेल बजट में बीते एक दशक में पहली बार यात्री किराए में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया, इसके बाद से ही उनकी पार्टी द्वारा इस्तीफा मांगे जाने पर उन्होंने साफ कर दिया है कि अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों के बीच में वो इस्तीफा सौंप देंगे। रेल बजट पेश करने के बाद से ही त्रिवेदी के इस्तीफे को लेकर कई तरह की बातें सामने आई थीं। पहले कहा गया था कि ममता बनर्जी के निर्देश पर त्रिवेदी का इस्तीफा रात को ही प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है, परन्तु रेलमंत्री ने इसका खंडन करते हुए कहा था कि उनसे अभी इस्तीफा नहीं मांगा गया है और वे अपने पद पर बने हुए हैं।
इस बीच यह बात सामने आई थी कि कांग्रेसी नेताओं के आग्रह पर ममता बनर्जी ने उन्हें 31 मार्च तक अभयदान दे दिया है। इधर, एक टीवी चैनल से बात करते हुए रेलमंत्री ने कहा है कि वे एक या दो दिन में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चाहते तो अपने पद पर बने रह सकते थे, परन्तु इस तरह जलील होकर काम नहीं करना चाहते। हमने कुर्सी से ज्यादा देशहित का ध्यान रखा है। दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफ को लेकर गहमागहमी बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने दिनेश त्रिवेदी को फोन करके कहा है कि वो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दें, लेकिन त्रिवेदी साफ कर दिया है कि जब तक ममता बनर्जी उनसे लिखित में इस्तीफा नहीं मांगती तो अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। त्रिवेदी के इस्तीफे को लेकर अब भी कुछ स्पष्ट नहीं है। दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने लोकसभा में कहा था कि पार्टी ने त्रिवेदी से इस्तीफा नहीं मांगा था।


