लखनऊ : यूपी का कई हजार करोड़ रुपये के घोटाला मामले में आरोपी एक प्राजेक्टर मैनेजर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसके साथ ही इस बहुचर्चित घोटाले में हत्या-आत्महत्या करने वालों की संख्या चार हो गई है। पुलिस के मुताबिक जल निगम के प्रोजेक्टर मैनेजर सुनील वर्मा ने खुदकुशी कर ली है। सीबीआई ने वर्मा का नाम अपनी पहली एफआईआर में दर्ज कराया था। इस सिलसिले में सुनील वर्मा के घर पर पिछले दिनों छापेमारी भी की गई थी। सीबीआई ने कुछ दिन पहले उससे पूछताछ भी की थी।
पुलिस ने बताया कि वर्मा ने लखनऊ के विकास नगर स्थित अपने घर आत्महत्या की है। उसने आज सुबह करीब आठ बजे घर में ही खुद को गोली मार लिया, गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वर्मा यूपी सरकार के कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन डिविजन में प्रोजेक्टर मैनेजर थे। यह विभाग यूपी जल निगम का एक हिस्सा है और वर्मा एनआरएचएम योजना के तहत कंस्ट्रक्शन से जुड़े सभी कार्यों की निगरानी रखते थे। लखनऊ रेंज के डीआईजी डीके ठाकुर ने बताया कि सीबीआई ने चार जनवरी को उनसे पूछताछ की थी, जिसके बाद से वे तनाव में थे। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।


