इंटरनेट की आज़ादी को हाशिए पर ला देने वाले आई टी एक्ट-२०११ के खिलाफ राज्यसभा में आ रहे एनलमेंट मोशन के समर्थन में सेव योर वॉयस की ओर से असीम त्रिवेदी और आलोक दीक्षित ने जंतर मंतर पर भूख हड़ताल का दूसरा दिन पूरा किया. आई टी रूल्स २०११ इंटरनेट यूज़र्स की अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला हैं. भारत सरकार ने आई टी एक्ट में २०११ में एक एमेंडमेंट करके इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स रूल्स को जोड़ दिया है, जिससे किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को बैन करना बेहद आसान हो गया है. ये नियम प्रिशम्शन ऑफ इनोसेंस के खिलाफ हैं और नेचुरल ला ऑफ जस्टिस का भी उल्लंघन करते हैं. इन अलोकतांत्रिक नियमों के खिलाफ सीपीएम के सांसद पी राजीव राज्यसभा में एक एनलमेंट मोशन ला रहे हैं जिसे पास करके इन नियमों को खारिज किया जा सकता है.
जंतर-मंतर पर फ्रीडम फास्ट नाम से हो रहे इस अनशन की शुरुआत कल २ मई को सुबह १० बजे हुई थी, आज अनशन के दुसरे दिन भी सेव योर वॉयस टीम के समर्थकों ने पिंजरों के अंदर कैद होकर आज़ादी के गीत गाये और इंटरनेट सेंसरशिप का विरोध किया और ये सन्देश दिया कि इंटरनेट सेंसरशिप के कारण हमारी अभिव्यक्ति की आज़ादी सरकारी पिंजरों में कैद हो कर रह गयी है. इस अनशन का उद्देश्य है सभी राजनीतिक दलों से इस एनाल्मेंट मोशन का समर्थन करने की अपील करना जिससे इंटरनेट की आज़ादी को फिर से बहाल किया जा सके. अभी तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने एनलमेंट मोशन के पक्ष में व्हिप जारी करने की हामी नहीं भरी है. ऐसे में इस एनलमेंट मोशन के पास होने का रास्ता आसान नहीं दिख रहा इसीलिये इस अनशन के ज़रिये सेव योर वॉयस का मकसद सभी राजनीतिक दलों पर एनल मेंट मोशन को समर्थन देने का दबाव डालना है.


