भवुनेश्वर : पूरे देश में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं शुरू हो चुकी हैं. ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की सालाना रथयात्रा के दौरान पुरी, कटक और बालासोर के अलग-अलग हादसों में दो नाबालिग बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हो गए. प्रशासन ने किसी तरह के हादसे को रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं बावूजद इसके पहले ही दिन तीन लोगों की जानें चली गईं. पुरी कस्बे में जुलूस देखते समय 61 वर्षीय सुधाकर स्वेन की जान हो गई, जबकि कटक में सुंथीपाल गांव में रथ के पहिए के नीचे आ जाने से 14 साल के एक नाबालिक लड़के की मौत हो गई. लड़के की शिनाख्त सुंथीपाल के त्रिनाथ राउस के रूप में की गई. वहीं बालासोर जिले के तलकुरुनिया गांव में भी रथ के नीचे आ जाने से चौदह वर्षीय देबब्रत मोहंती की मौत हो गई तथा एक 16 साल का लड़का घायल हो गया. सुंदरगढ़ जिले में भी दस वर्षीय एक लड़का घायल हो गया.
पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सालाना रथ यात्रा को देखने के लिए देश भर तसे लाखों पर्यटक पहुंचे हैं. यह रथ यात्रा पतिवर्ष भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र तथा बहन सुभद्रा को लेकर जगन्नाथ मंदिर से दो किलोमीटर दूर बने गुंडीचा मंदिर तक जाता है. मंत्रोच्चार, नृत्य, गायन, वादन के बीच श्रद्धालु रस्सियों के सहारे इस विशाल रथ को खींचते हैं.


