भुवनेश्वर। ओड़िशा में कंधमाल जिले में माओवादियों ने इटली के दो पर्यटकों का अपहरण कर लिया है। विदेशी पर्यटकों के अपहरण होने की सूचना पर सरकारी अमले में हड़कम्प मच गया है। सरकार ने दोनों पर्यटकों की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय भी राज्य सरकार के संपर्क में है तथा हर संभव मदद देने की बात कही है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने दोनों विदेशी पर्यटकों को छोड़ने के लिए अपनी कुछ शर्तें रखी हैं। उधर, इटली दूतावास भी अपने पर्यटकों की सुरक्षित रिहाई के लिए राज्य सरकार के लगातार संपर्क में है।
बताया जा रहा है कि इटली के दोनों पर्यटकों का अपहरण माओवादियों ने उस समय किया जब वे नदी किनारे स्नान कर रही महिलाओं की फोटो खींच रहे थे। दोनों का अपहरण कंधमाल-गंजाम बार्डर के आसपास किया गया है। पर्यटकों के अपहरण के बाद माओवादियों ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें उनके खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन को रोकना और जल्द से जल्द वार्ता प्रकिया को शुरू करने की प्रमुख शर्त भी शामिल है। माओवादियों ने अपने 13 सूत्रीय मांगों को मानने के लिए राज्य सरकार को आज शाम तक का वक्त दिया है। ओडिसा में माओवादियों द्वारा विदेशी पर्यटकों के अपहरण की यह पहली और अकेली वारदात है। हालांकि इसके पहले वे राज्य के एक डीएम और जूनियन इंजीनियर का अपहरण कर चुके हैं तथा बात में दोनों को रिहा भी कर दिया था।
सरकार अब भी नक्सलियों से वैसी ही उम्मीद लगाकर बैठी है। बताया जा रहा है कि इन पर्यटकों की पहचान बोसुस्को पाओलो और क्लाडियो कोलांगेलो के तौर पर की गई है। इसमें से एक पर्यटक करीब दस साल से पुरी में रह रहा था। सूत्रों का कहना है कि माओवादियों ने कल आधी रात के करीब कुछ निजी समाचार चैनलों के माध्यम से विदेशी पर्यटकों के अपहरण का दावा किया। चैनलों को भेजे संदेश में माओवादियों ने दावा किया कि प्रतिबंध के बावजूद दोनों पर्यटक भीतरी इलाकों में पहुंच गए थे और आदिवासियों की आपत्तिजनक तस्वीरें ले रहे थे। कंधमाल के एसपी जेएन पंकज ने बताया कि पुरी के कुछ टूर ऑपरेटरों के साथ इटली के दो पर्यटक दरिंगीबाड़ी आए थे। पुलिस ने उन्हें इलाके में माओवादियों से सतर्क रहने के लिए आगाह किया था।


