Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

कत्‍ल करने के लिए अब हर कोई आजाद है

: चंडीगढ़ में कवि सम्‍मेलन एवं सम्‍मान समारोह आयोजित : काव्य सुधा, चंडीगढ़ व राष्ट्रीय कवि संगम, दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्‍मेलन का आयोजन लॉयंस भवन सैक्टर 18 डी, चण्डीगढ़ में कवयित्री सुशील बंसल ‘शील’ की अध्यक्षता में हुआ। इसमें मुख्‍य अतिथि श्रीमती विनी गर्ग, चेयरपर्सन, ‘नज़ाक़त’, यूएसए ने शिरक़त की, विशिष्ट अतिथि के तौर पर अजय शुक्ला, कार्यकारी संपादक, आज समाज थे, मंच संचालन सुशील ‘हसरत’ नरेलवी ने किया। कार्यक्रम के शुरू में ‘काव्य सुधा’, चण्डीगढ़ की ओर से युवा कवि हरिश चन्द्र, हिमाचल प्रदेश, को ‘काव्य सुधा रत्न अवार्ड, 2011’ से, युवा कवि शिवानन्द वशिष्ठ, हाँसी, हरियाणा, को ‘काव्य सुधा ‘शील’ सम्‍मान, 2011′ से तो युवा कवि रफ़ीक़ नागौरी, उज्जैन, मध्य प्रदेश को ‘काव्य सुधा किशोर सम्‍मान, 2011’ से नवाज़ा गया। ये अवार्ड इन्हें साहित्य में उनके विशेष योगदान के लिए प्रदान किए गए। अवार्ड के तहत उन्हें नकद धनराशि, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र व एक शाल भेंट की गई।

: चंडीगढ़ में कवि सम्‍मेलन एवं सम्‍मान समारोह आयोजित : काव्य सुधा, चंडीगढ़ व राष्ट्रीय कवि संगम, दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय स्तर के कवि सम्‍मेलन का आयोजन लॉयंस भवन सैक्टर 18 डी, चण्डीगढ़ में कवयित्री सुशील बंसल ‘शील’ की अध्यक्षता में हुआ। इसमें मुख्‍य अतिथि श्रीमती विनी गर्ग, चेयरपर्सन, ‘नज़ाक़त’, यूएसए ने शिरक़त की, विशिष्ट अतिथि के तौर पर अजय शुक्ला, कार्यकारी संपादक, आज समाज थे, मंच संचालन सुशील ‘हसरत’ नरेलवी ने किया। कार्यक्रम के शुरू में ‘काव्य सुधा’, चण्डीगढ़ की ओर से युवा कवि हरिश चन्द्र, हिमाचल प्रदेश, को ‘काव्य सुधा रत्न अवार्ड, 2011’ से, युवा कवि शिवानन्द वशिष्ठ, हाँसी, हरियाणा, को ‘काव्य सुधा ‘शील’ सम्‍मान, 2011′ से तो युवा कवि रफ़ीक़ नागौरी, उज्जैन, मध्य प्रदेश को ‘काव्य सुधा किशोर सम्‍मान, 2011’ से नवाज़ा गया। ये अवार्ड इन्हें साहित्य में उनके विशेष योगदान के लिए प्रदान किए गए। अवार्ड के तहत उन्हें नकद धनराशि, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र व एक शाल भेंट की गई।

युवा कवि सम्‍मेलन का आगाज बेबी जिज्ञासा की कविता से हुआ। तत्पश्चात सुशील ‘हसरत’ नरेलवी ने अपनी गज़ल कुछ इस अन्दाज़ में कही ”कैसी ये जम्‍हूरियत तो कैसा ये उन्माद है/ क़त्ल करने के लिए अब हर कोई आज़ाद है”, कवि दीपक खेतरपाल ने नेताओं पर निशाना साधते हुए हास्य व्यंग्य कविता में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, ”नया-नया शमशान घाट बना था/ फूलों से सजा था/ आज इसका मुर्हरत था/ किसी बड़े नेता को बुलाया था।” हाँसी, हरियाणा से आए कवि शिवानन्द वशिष्ठ ने वीररस में समां बाँधते हुए अपने गीत के जरिये कहा कि ”माटी का ये ज्वार पुकार करेगा बारबार/यु़द्घ भूमि में योद्घा सी ललकार करेगा बारबार”, उज्जैन से पधारे कवि रफ़ीक़ नागौरी ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत कुछ यूँ सुनाया, ”दिल तो वो है कि जो तस्वीरे-वतन दिलाए/ आँखें वो हैं नजऱ जिन्हें तिरंगा आए” तो हिमाचल प्रदेश से कवि हरिश चन्द्र ने अपना गीत सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी।

पटियाला से पधारे शायर परमिन्दर ने अपने कलाम में कहा कि ”तुम कहो तो हम तुम्‍हारी आरजू छोड़ दें/ तुमने इस दिल की अभी दरियादिली देखी नहीं”, लुधियाना से आए शायर मो.  अशफाक ने गज़ल का मतला कुछ यूँ पढ़ा, ”जहाँ  बेबसों की हिमायत नहीं है/ इबादत वहाँ पर इबादत नहीं है”, शायर नज़ाक़त रवानगी ने ”दीवरे-ज़रूरत गिरा क्यों नहीं देते/दिल में है मुहब्बत तो सदा क्यों नहीं देते”, सुनाकर माहौल को खुशगवार बनाया व श्रोताओं की वाह-वाही लूटी। कन्या भ्रूण हत्या पर निशाना साधते हुए डॉ. अनु गौड़ ने अपनी कविता के माध्यम से कहा कि ”मैं एक यात्री हूँ/ मुझे गन्तव्य चाहिए माँ”, कवयित्री हरविन्दर कौर ने अपने क़लाम में कहा कि ”मिला फऱेब जब भी कभी मुहब्बत की है/ जि़न्दगी ने अजब मुझसे अदावत की है”, शायर सागर सूद ने ”भरी महफि़ल में तन्हाई मुझे पहचान लेती है”, व पटियाला से नरेश ‘नाज़’ ने गीत सुनाकर माहौल और भी अच्छा बनाया।

इसके अतिरिक्त पटियाला से कवयित्री पल्लवी गुप्ता, चण्डीगढ़ से कमला मीरचन्दानी, जतिन्दर किन्नर, विजय गोयल, पटियाला से नरेश ‘नाज़’ व अन्य कवियों ने अपने-अपने क़लाम से समां बाँधे रखा। कथाकार इन्दू बाली विशेष तौर पर कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। मुख्‍य अतिथि अजय शुक्ला ने कहा कि कवियों की आज़ादी अन्य आंदोलनों में निभाई भूमिका को विस्मृत नहीं किया जा सकता। अध्यक्ष कवयित्री लॉयनेस ने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में युवा कवियों को लेकर इस तरह के और कवि स मेलन आयोजित करवाये जाएंगे। काव्य सुधा की महासचिव कवयित्री उर्मिला कौशिक ‘सखी ने सभी का आभार जताया।

चंडीगढ़ से जयश्री राठौड़ की रिपोर्ट.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...