: विचार गोष्ठी व सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न : डीडवाना : राजस्थान के डीडवाना शहर में 30 मई की रात को पत्रकार दिवस के उपलक्ष में श्रीराम प्रोपर्टीज के सौजन्य से विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस मौके पर ‘वर्तमान में पत्रकारिता के सामने चुनौतियां एवं निवारण’ विषय पर पत्रकारों ने अपनी वार्ताएं प्रस्तुत की। इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी निधि चौधरी ने कहा कि वर्तमान युग में पत्रकारिता कांटो भरी है। इस डगर पर कदम-कदम पर मुश्किलें ही मुश्किलें हैं। लेकिन जो पत्रकार ऐसे हालातों का सामना करते हुए भी अपना दायित्व पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाते हैं, वे ही सही मायने में पत्रकार कहलाने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि आज मीडिया जन-जन की आवाज बन चुका है। हर घर में मीडिया की पकड़ हो गई है। जनता को सजग करने और उनमें बौद्धिक चेतना का विकास भी मीडिया ही कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लेकिन यह भी सच है कि मीडिया में कुछ बुराइयां भी पनपने लगी है। मीडिया हिंसा, अश्लीलता और अपराध की खबरों को सनसनीखेज तरीके से दिखाकर जनता को भ्रमित और उकसा रहा है। पत्रकारिता पर राजनीति भी हावी हो गई है। कई नेता अपने अखबार व न्यूज चैनल चलाकर जनता को वही दिखाते हैं, जो वे दिखाना चाहते हैं। पेड न्यूज सबसे बड़ी बुराई बन गई है। जनहित के मुद्दों को मीडिया आज अधिक प्राथमिकता नहीं देता बल्कि वह केवल सनसनी फैलाना और टीआरपी व प्रसार संख्या के फेर में ही उलझा हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार व टीवी एंकर अखलाक अहमद उसमानी ने कहा कि कुछ समय पूर्व तक पत्रकारिता समाजसेवा हुआ करती थी, लेकिन अब यह व्यवसाय बन गया है। अखबार व न्यूज चैनलों ने पत्रकारों को उनके मूल अस्तित्व से ही हटा दिया है, बल्कि उनसे विज्ञापन एजेन्टों और सर्कुलेशन के काम करवाए जाने लगे हैं। ग्रामीण पत्रकारों की हालत तो और भी खराब है। ग्रामीण पत्रकारों की हालत सुनने वाला कोई नहीं है। दिन-रात मेहनत करने के बावजूद उन्हें ढंग से पारिश्रमिक तक नहीं मिल पाती। दूसरों की समस्याएं उठाने वाले पत्रकारों की समस्याएं कोई नहीं सुनता। उन्होंने कहा कि वास्तवित रूप से पत्रकारिता ही ऐसा जरिया है जिससे शासन व जनता का सीधा जुड़ाव सम्भव है।
पूनम शर्मा ने कहा कि देश में हुए अनेक क्रांतिकारी परिवर्तनों व आजादी की लड़ाई में प्रेस की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। आजादी की लड़ाई में विशेष भूमिका निभाने वाले अनेक क्रांतिकारियों ने पत्रकारिता के माध्यम से ही जनता को आजादी के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में मीडिया के दायित्व और जिम्मेदारियां बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकार एकजुट होकर कार्य करेंगे तो उनका शोषण नहीं हो सकता। इस अवसर पर एडवोकेट रामगोपाल अग्रवाल, गजेन्द्र गांधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में एसबीबीजे के मुख्य प्रबंधक वी. के. शर्मा मुख्य अतिथि थे। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार इस्तेखार उसमानी, डॉ. भंवर कसाणा, गजेन्द्र गांधी, अखलाक अहमद उसमानी, शबीक अहमद उसमानी, राहुल माथुर, नरपत जोया, हनुमान तंवर, मयूर गांधी, जहीर अब्बास उसमानी, विनोद गौड़, विजय महर्षि, हरीश कुमार, धमेन्द्र, राजेन्द्र सैनी आदि पत्रकारों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में डीडवाना विकास परिषद समिति के अध्यक्ष शंकरलाल परसावत, राजस्थान बास्केटबॉल संघ के सचिव अजीतसिंह राठौड़, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष महावीर औझा, एडवोकेट रघुवीर सिंह शेखावत, एसबीबीजे के शाखा प्रबंधक एस. एम. जांगिड़, पार्षद सुरेश वर्मा विशिष्ट अतिथि थे। संचालन वीरेन्द्र मंगल भाटी ने किया।
डीडवाना से जहीर अब्बास उसमानी की रिपोर्ट.


