नई दिल्ली : क्रांतिकारी केजरीवाल द्वारा पोल खोले जाने से परेशान भाजपा और कांग्रेस ने एक साथ भड़ास निकालना शुरू कर दिया है। केजरीवाल को निशाना बनाने के मामले में भी कांग्रेस और भाजपा एक सरीखी साबित हुईं। देश की दोनों सबसे बड़ी पार्टियों के मुखपत्रों ने एक साथ अरविंद केजरीवाल पर हमला बोल दिया है। भाजपा ने उन पर राष्ट्र विरोधी ताकतों से धन पाने का आरोप लगाया है तो कांग्रेस ने भाजपा से गुप्त समझौता करने का आरोप जड़ा है। जवाब में केजरीवाल ने दोनों पार्टियों को अपने सारे चंदे का ब्योरा सार्वजनिक करने की चुनौती दी है।
भाजपा के मुखपत्र ‘कमल संदेश’ का संपादकीय इस बार पूरी तरह केजरीवाल की निंदा पर ही केंद्रित है। इसके मुताबिक ‘पता किया जाना चाहिए कि केजरीवाल को जो पैसा मिल रहा है, वह कहीं उन ताकतों से तो नहीं मिल रहा जो भारत को कमजोर करना चाहती हैं। मनमोहन सिंह सरकार को यह पता करना चाहिए कि केजरीवाल को किसने सुपारी दी है।’ कमल संदेश में केजरीवाल को परोक्षत: मानसिक रूप से बीमार भी बता दिया गया है। इसके मुताबिक ‘एक बार अन्ना ने दिग्विजय सिंह के लिए कहा था कि उन्हें पुणे भेज दिया जाना चाहिए। हम जानना चाहेंगे कि क्या अन्ना अब केजरीवाल के लिए भी ऐसा ही कहेंगे।’ कमल संदेश ने राकांपा प्रमुख शरद पवार की ओर से अपने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को दी गई क्लीन चिट को ‘केजरीवाल के मुंह पर जोरदार तमाचा’ बताया है।
उधर, कांग्रेस के मुखपत्र ‘कांग्रेस संदेश’ ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और केजरीवाल दोनों पर एक साथ हमला बोला है। इसके मुताबिक मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की विदेश यात्राओं पर जो सवाल उठाए थे, उसी सिलसिले को केजरीवाल ने आगे बढ़ाया है। गौरतलब है कि ‘कमल संदेश’ के संपादक जहां मध्य प्रदेश से भाजपा के सांसद प्रभात झा हैं, वहीं राजस्थान से कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद गिरिजा व्यास ‘कांग्रेस संदेश’ की संपादक हैं।
उधर, केजरीवाल ने इन आरोपों के बाद कहा, ‘उन्होंने आरोप लगाया है कि हमें विदेश से चंदा मिल रहा है। हमने तो एक रुपया तक देने वाले का ब्योरा वेबसाइट पर दे दिया है। हम भाजपा और कांग्रेस को चुनौती देते हैं कि वे भी अपने पूरे चंदे का ब्योरा सार्वजनिक करें। ये पार्टियां काले धन को छुपाने के लिए मौजूदा नियमों की आड़ लेती हैं। बड़ी से बड़ी रकम यह कह कर छुपा लेती हैं कि अलग-अलग लोगों ने 20-20 हजार से कम का चंदा दिया था।’ केजरीवाल ने दागी मंत्रियों को तरक्की दिए जाने पर भी व्यंग्य किया है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा है, ‘एक व्यक्ति ने मुझसे अपील की है कि मेरी भी पोल खोल दीजिए तो मैं भी मंत्री बन जाउंगा।’


