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‘द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधी’ का ई-संस्करण जारी

गुजरात: मंगलवार को गांधी शांति प्रतिष्ठान में प्रकाशन विभाग, गुजरात विद्यापीठ और सावरमती आश्रम द्वारा आयोजित समारोह में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधीका ई—संस्करण जारी किया। द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधीके सौ खंडों में महात्मा गांधी के जीवन, संदेश के साथ उनके हजारों पत्र संकलित हैं। अब इस संस्करण को दुनिया भर में आसानी से पढ़ा जा सकेगा। साथ ही इस मौके पर जेटली ने घोषणा की कि संपूर्ण गांधी वांगमय के सौ खंडों पर ई—संस्करण का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा। इस संस्करण के संपादक मंडल में गांधी मार्ग के संपादक और पर्यावरणविद् अनु्पम मिश्र और गांधी शांति प्रतिष्ठान के मंत्री कुमार प्रशांत को शामिल किया जाएगा।

गुजरात: मंगलवार को गांधी शांति प्रतिष्ठान में प्रकाशन विभाग, गुजरात विद्यापीठ और सावरमती आश्रम द्वारा आयोजित समारोह में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधीका ई—संस्करण जारी किया। द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधीके सौ खंडों में महात्मा गांधी के जीवन, संदेश के साथ उनके हजारों पत्र संकलित हैं। अब इस संस्करण को दुनिया भर में आसानी से पढ़ा जा सकेगा। साथ ही इस मौके पर जेटली ने घोषणा की कि संपूर्ण गांधी वांगमय के सौ खंडों पर ई—संस्करण का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा। इस संस्करण के संपादक मंडल में गांधी मार्ग के संपादक और पर्यावरणविद् अनु्पम मिश्र और गांधी शांति प्रतिष्ठान के मंत्री कुमार प्रशांत को शामिल किया जाएगा।

 इस अवसर पर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि पिछले दो—तीन शताब्दियों में गांधीजी जैसा कोई इंसान नहीं हुआ, जिसने उनकी जैसी नैतिक उंचाइयां हासिल की। महात्मा गांधी मूल रूप से अधिवक्ता थे, लेकिन उन्होंने कोर्इ् ऐसा विषय नहीं ​था जिस पर विचार नहीं किया हो। उन्होंने मनुष्य, प्रकृति और जीव जंतुओं से सरोकार रखने वाले हर एक मुद्दों पर अपने संदेश दिए जो द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधीमें प्रामाणिक रूप से संकलित हैं। उन्होने लंदन प्रवास के दौरान ब्रिट्रेन के प्रधानमंत्री के कथन को पेश करते कहा कि उनकी चार की शैली काफी अद्भुत थी। समारेाह को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध समाजसेविका, सेवा की संस्थापिका और गुजरात विद्यापीठ की कुलपति इला रमेश भट्ट ने कहा कि इस प्रयास से गांधी जी को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। गुजरात विद्यापीठ के सुदर्शन आयंगर ने कहा कि 38 सालों के प्रयासों के फलस्वरूप द कलेक्लेटेड वर्क ऑफ महात्मा गांधीका मूल संस्करण तैयार हुआ था। जिसका ई—संस्करण आज यहां जारी होने से गांधी जी के संदेशों से सारी दुनिया आसानी से रूबरू हो सकेगी।

 इस मौके पर महात्मा गांधी पर आ​धारित र्इ्—पोर्टल का भी शुभारंभ भी किया गया। समारोह में सूचना प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल् राज्यवर्धन राठौर, सुप्रसिद्ध गांधीवादी राधा भट्ट, सावरमती मेमोरियल ट्रस्ट के त्रिदिव सुहर्द, हरिजन सेवक संघ के मंत्री लक्ष्मी दास, एसएन सुब्बाराव, डीना पटेल, वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, कुमार प्रशांत, प्रसून लतांत, रामचंद राही, प्यारेमोहन त्रिपाठी, सुरेन्द्र कुमार, अन्नामलाई, उत्तम सिन्हा, टीएस नेगी, मनोज झा और अमृता शर्मा मौजूद थी।

 

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