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गिरफ्तार हो सकते हैं कृपाशंकर, बेटे ने किए अश्लील इशारे, देखें वीडियो

कृपाशंकर सिंह के खिलाफ चल रही कार्रवाई से उनके परिजन बौखला गए लगते हैं. तभी तो उनके बेटे नरेंद्र सिंह ने मीडिया वालों को अभद्र इशारा किया. घर के बाहर कवरेज करने पहुंचे मीडिया वालों  की तरफ नरेंद्र सिंह ने अश्लील इशारे किए. कुछ पत्रकारों ने बताया कि कृपाशंकर सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने जो हरकत की है, वो किसी भी सभ्य आदमी को शोभा नहीं देता. उल्लेखनीय है कि मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और मुंबई के बांद्रा में उनका बंगला सीज़ कर दिया गया है. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में विलेपार्ले में कृपाशंकर के दफ़्तर पर और बांद्रा में उनके घर तिरंग पर छापा मारा और सीज़ कर लिया. आज सुबह से ही कृपाशंकर के ठिकानों पर छापेमारी हो रही है और मीडिया का जमावड़ा कृपाशंकर के ठिकानों पर लगा है. घर से ही कृपाशंकर के बेटे नरेंद्र सिंह ने मीडिया वालों को अभद्र इशारे किये. देखें वीडियो, क्लिक करें- http://www.youtube.com/watch?v=lSHKd7ZxNEE

कृपाशंकर सिंह के खिलाफ चल रही कार्रवाई से उनके परिजन बौखला गए लगते हैं. तभी तो उनके बेटे नरेंद्र सिंह ने मीडिया वालों को अभद्र इशारा किया. घर के बाहर कवरेज करने पहुंचे मीडिया वालों  की तरफ नरेंद्र सिंह ने अश्लील इशारे किए. कुछ पत्रकारों ने बताया कि कृपाशंकर सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने जो हरकत की है, वो किसी भी सभ्य आदमी को शोभा नहीं देता. उल्लेखनीय है कि मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और मुंबई के बांद्रा में उनका बंगला सीज़ कर दिया गया है. मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में विलेपार्ले में कृपाशंकर के दफ़्तर पर और बांद्रा में उनके घर तिरंग पर छापा मारा और सीज़ कर लिया. आज सुबह से ही कृपाशंकर के ठिकानों पर छापेमारी हो रही है और मीडिया का जमावड़ा कृपाशंकर के ठिकानों पर लगा है. घर से ही कृपाशंकर के बेटे नरेंद्र सिंह ने मीडिया वालों को अभद्र इशारे किये. देखें वीडियो, क्लिक करें- http://www.youtube.com/watch?v=lSHKd7ZxNEE

कृपाशंकर सिंह तीन बार महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य और एक बार विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं. 1999 में विलासराव देशमुख सरकार में वह गृह राज्य मंत्री रहे थे. कृपाशंकर सिंह फिलहाल मुंबई से बाहर हैं. एसआइटी के तलाशी अभियान के दौरान श्री साईप्रसाद इमारत स्थित उनके फ्लैट में उनके परिवार के लोग भी मौजूद नहीं थे. कहा जा रहा है कि सिंह के मुंबई लौटते ही पूछताछ के लिए एसआइटी उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है.

उससे पहले उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता कृपाशंकर सिंह को अनुकूल बेंच तलाशने की कोशिश करने के लिए फटकार लगाई. भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे सिंह की ओर से कल उच्चतम न्यायालय की एक खंडपीठ से अपनी याचिका वापस ले ली गई थी तथा आज इसे एक अन्य बेंच के समक्ष रखा गया था. न्यायमूर्ति डी के जैन और न्यायमूर्ति ए आर दवे की खंडपीठ ने सिंह की इस कोशिश पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमें बहुत दुख है और यह अनुकूल खंडपीठ तलाशने की कोशिश है, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. खंडपीठ ने मामले की सुनवाई पहले तय की गई तिथि पर करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने सिंह के वकील से कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि खंडपीठ की तलाश करने की कोशिश नहीं की जाए. बम्बई उच्च न्यायालय के निर्देश पर सिंह और उनके परिजनों के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक सम्पत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया है. सिंह इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में गए हैं.

चार दशक पहले 1970 में मुंबई के सांताक्रूज में आलू बेचने से लेकर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद पर काबिज होने वाले कृपाशंकर सिंह की कहानी किसी हिंदी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है. यह कहानी मुंबई हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के बाद उजागर हुई है. भले ही कृपाशंकर सिंह यह कह रहे हों कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है, लेकिन हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. कृपाशंकर के वकील मुकुल रोहतगी भी याचिका दायर करने वाले संजय तिवारी को आरटीआई की आड़ में भाजपा व शिवसेना के हितों को फायदा पहुंचाने की बात कह रहे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता संजय तिवारी ने कृपाशंकर और उनके परिवार के सदस्यों की बेनामी संपत्ति की जानकारी को आरटीआई के तहत संकलित कर सीबीआई, आयकर विभाग और ईडी से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी. लेकिन जब इन सरकारी एजेंसियों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया तो तिवारी ने 25 मार्च 2010 को मुंबई हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की अपील की.

मुंबई हाईकोर्ट ने 10 जून, 2010 को सभी सरकारी एजेंसियों को हलफनामा सौंपने का निर्देश दिया. लेकिन ये एजेंसियां टालमटोल करती रहीं. यहां तक कि 15 जुलाई, 2010 को कृपाशंकर के वकीलों ने याचिका की वैधता पर ही सवाल खड़ा कर दिया और उसे खारिज करने की अपील की. लेकिन 16 दिसंबर को मुंबई हाईकोर्ट में न्यायाधीश रंजना देसाई और न्यायाधीश आर बी मोरे ने तीनों सरकारी एजेंसियों को सीलबंद रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया और कहा कि इस काम में ये एजेंसियां एक दूसरे का सहयोग करें. इसके बाद 3 मार्च, 2011 को हाईकोर्ट ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद तीनों एजेंसियों को 31 मार्च, 2011 तक अंतिम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. इसी के बाद बुधवार को हाईकोर्ट ने कृपाशंकर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज करने और उनकी अचल संपत्ति को जब्त करने का आदेश पारित किया. कृपा पर आरोपों की लंबी फेहरिस्त है, जैसे-
– कृपाशंकर सिंह के नाम दो पैन कार्ड का मामला
– समता सहकारी बैंक में परिजनों के खाते में करोड़ों की संपत्ति
– निजी बॉडीगार्ड को पॉवर ऑफ अटार्नी देकर नवी मुंबई के पनवेल में करोड़ों की संपत्ति
– रत्नागिरी जिले के वाड़ा पेण में सैकड़ों एकड़ जमीन
– जौनपुर में व्यावसायिक संकुल एवं जमीन
– मुंबई के बांद्रा पश्चिम में बंगला, सांताक्रूज में जमीन व एड्रेस बिल्डिंग में फ्लैट
– चुनाव के दौरान शैक्षणिक योग्यता की गलत जानकारी
– मुंबई के ही पश्चिमी उपनगर विलेपार्ले के ज्यूपिटर बिल्डिंग में डुपलेक्स प्लैट
– बेटे-बेटी और पत्नी के नाम कई खाते की जानकारी छिपाने का आरोप
– मुंबई के पवई में 1900 वर्गफीट का फ्लैट

हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को कृपाशंकर सिंह और उनके परिजनों की 12 संपत्तियां जब्त कर लीं. हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस को सिंह व उनके परिवार की सभी चल-अचल संपत्तियां जब्त करने और उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे. कोर्ट के इस आदेश के बाद यहां निर्मल नगर थाने में सिंह के खिलाफ आइपीसी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस ने शुक्रवार सुबह से ही सिंह की मुंबई और उपनगरीय इलाकों में स्थित 19 संपत्तियों पर छापे की कार्रवाई शुरू कर दी थी. यह कार्रवाई सिंह के मामले की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल द्वारा की गई. दोपहर बाद तक सिंह के मुंबई स्थित सात फ्लैटों, एक बंगले और दो दुकानों की तलाशी ली जा चुकी थी. तलाशी अभियान के बाद एसआइटी ने देर शाम बांद्रा पश्चिम स्थित उनके एक फ्लैट, बांद्रा के ही कार्टर रोड स्थित बंगले, हीरानंदानी गार्डस स्थित दो दुकानों और दो बीएमडब्ल्यू कारों पर जब्ती का नोटिस चिपका दिया. नोटिस में लिखा है कि यह संपत्ति मुंबई पुलिस के कब्जे में है, इसका उपयोग या इससे छेड़छाड़ न की जाए. सिंह की संपत्तियों पर अचानक छापे की यह कार्रवाई उस खबर के बाद की गई है, जिसमें सिंह के सहयोगियों द्वारा कुछ कागजात जलाने की बात कही गई थी.

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