वाराणसी। मिर्जामुराद थानान्तर्गत मेंहदीगंज में शनिवार तड़के जीटी रोड पर केमिकल लदे ट्रक में गैस सिलेंडर भरे ट्रक ने टक्कर मार दी। सिलेंडर लदे ट्रक में फंसे खलासी को गैस कटर से निकालते वक्त दोनों ट्रकों में आग लग गयी और ट्रक में फंसा खलासी जिंदा जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। इस दौरान आग की लपटों में जल रहे सिलेण्डर इस तरह उड़ रहे थे मानो मिसाइल छोड़ी जा रही हो। इस घटना के चलते जीटी रोड पर घंटों आवागमन ठप रहा।
घटना के संदर्भ में बताया जा रहा है कि कोका कोला फैक्टरी के पास केमिकल लदा ट्रक खड़ा था। तभी इलाहाबाद की ओर से आ रही एक गैस सिलेण्डर से लदी ट्रक ने उसे पीछे से टक्कर मार दिया। टक्कर मारने के बार गैस सिलेण्डर लादे ट्रक का चालक उतर कर फरार हो गया, परन्तु खलासी करन सरोज (25 वर्ष) ट्रक में ही फंसा रह गया। इस दौरान काफी लोग घटना स्थल पर जुट गए।
लोगों ने पास से गुजर रही एक एंबुलेंस से मदद मांगी। कुछ लोगों ने उसमें उपलब्ध गैस कटर से खलासी को निकालने की कोशिश करने लगे। इस दौरान किसी तरह दोनों ट्रकों में आग लग गई। आग लगते ही वहां भगदड़ मच गई। ट्रक में फंसे खलासी करन को छोड़कर सभी लोग भाग खड़े हुए। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे करन की ट्रक के अंदर जिंदा जलकर मौत हो गई।
अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग की आठ गाडि़यों ने चार घंटे के अथक प्रयास के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। इस घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि आग लगने के बाद सिलेण्डर मिसाइल की तरह चार से पांच सौ मीटर दूर खेतों और खाली मैदानों में गिर रहे थे, अगर आसपास आबादी होती तो ज्यादा नुकसान हो सकता था। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि आसपास के हरे पेड़ भी बुरी तरह झुलस गए थे।
मिर्जामुराद थानाध्यक्ष धर्मवीर यादव ने बताया कि ट्रक का खलासी करन सरोज बाहर नहीं निकल पाया और जल कर उसकी मौत हो गई। बाद में उसके शव को गैस कटर की मदद से निकाला गया। फरार चालक करन का मामा लगता था।


