Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

ये दुनिया

गोली चलाकर बंदूक फेंक देने से अपराध का कलंक धुल नहीं जाता है

[caption id="attachment_3599" align="alignleft" width="94"]गोपाल अग्रवाल [/caption]केंद्र सरकार बड़े सलीके से संगठित क्षेत्र की देशी-विदेशी कंपनियों को कायदे कानून बनाकर लूटने में मदद दे रही है, जिनसे लाखों करोड़ रुपये का कमीशन मंत्रिमंडल के सदस्य ले रहे हैं। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि कुल साजिश अरबों रुपये की होगी। देश की गरीबी का यही कारण है, जब देश की दौलत समेटकर चंद तिजौरियों में भर दी जायेगी तो निश्चय ही आम आदमी भुखमरी, कुपोषण, गरीबी, अशिक्षा एवं बेरोजगारी का शिकार हो जाएगा।

गोपाल अग्रवाल

केंद्र सरकार बड़े सलीके से संगठित क्षेत्र की देशी-विदेशी कंपनियों को कायदे कानून बनाकर लूटने में मदद दे रही है, जिनसे लाखों करोड़ रुपये का कमीशन मंत्रिमंडल के सदस्य ले रहे हैं। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि कुल साजिश अरबों रुपये की होगी। देश की गरीबी का यही कारण है, जब देश की दौलत समेटकर चंद तिजौरियों में भर दी जायेगी तो निश्चय ही आम आदमी भुखमरी, कुपोषण, गरीबी, अशिक्षा एवं बेरोजगारी का शिकार हो जाएगा।

इधर, उत्तर प्रदेश की सरकार ने तो लूट में सरकारी मशीनरी को लगा दिया है। विभागों को अवैध धन वसूली की छूट दे देने के कारण ही अब अधिकारियों के हाथ भोले-भाले नागरिक और ईमानदारी से कारोबार करने वालों के काँलर पकड़ने को मचलने लगे हैं। हमें याद करना चाहिए कि सरकारी कार्य करने वाले ठेकों पर अधिकतर माफिया का कब्जा है। एक्सप्रेस हाइवे जनता की सुविधा के लिए नहीं वरन किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बनवाया जा रहा है। हम गांधी-लोहिया के अनुयायी हैं। शराब में हमें कोई दिलचस्पी नहीं है परंतु यह बात चुभती है कि शराब की बोतल मूल्य से अधिक दामों पर धड़ल्ले से बेची जा रही है। मेरा निजी मत तो पूर्ण शराबबंदी का है, परन्तु कोई भी चीज बेची जाए तो उसका निश्चित मूल्य होना चाहिए, उससे अधिक लेने वाले को सरकार का सहयोग अचंभे में डालने वाला है।

हमें याद रखना चाहिए कि यूपी में टांसपोर्टर व्यापारी के ड्राइवर को सड़क पर पीट-पीटकर इसलिए मार डाला गया क्योंकि उन्होंने आरटीओ के कर्मचारियों को सड़क से गुजरते हुए रिश्वत नहीं दी। आप यह बात अपने जेहन से निकाल दें कि खाद्य सुरक्षा कानून आम जनता को मिलावट रहित खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराने के ख्याल से बनाया गया है। दरअसल यह चुनावी वर्ष है, केंद्र व प्रदेश सरकार लूट की बंदरबाट में साथ-साथ हैं। केंद्र ने कानून बनाकर मिलावट पर आजीवन कारावास का प्राविधान कर दिया। उसका अनुपालन राज्य को करना है। सजा जितनी कड़ी होगी घूसखोरी उतनी ही बढ़ जाती है। इसी आधार पर अब खाने-पीने की वस्तुएं बेचने वालों से धन वसूली की जा रही है। इसलिए मिलावट करने के आदी लोग अब रिश्वत ज्यादा देकर अधिक अपराध करेंगे। वहीं ईमानदार व्यापारी को बेवजह फंसाने की धमकी देकर अवैध धन वसूली होगी।

समाजशास्त्रियों का मत है कि सजा कड़ी कर देने से अपराध नहीं रूकता। यदि ऐसा होता तो हत्या पर मृत्युदंड का प्रावधान होने के बावजूद हत्याएं क्यों हो रही हैं? अपराध प्रभावी कार्रवाई तथा त्वरित न्याय प्रक्रिया से ही रोके जा सकते हैं। दंड का प्रावधान कड़ा कर देने से निरीक्षण व्यवस्था में लगे कर्मचारियों एवं अधिकारियों को लाभ मिलता है। हलवाई भी मजबूर हैं। वे मावा, घी व मसाले अपने घर में नहीं बनाते हैं। पैकेट खुल जाने के बाद उसकी पूरी जिम्मेदारी हलवाई पर डालना भी न्यायसंगत नहीं है। पुरानी कहावत है कि ककड़ी की चोरी पर खंजर से बार करके दंड नहीं दिया जा सकता।

केंद्र सरकार ने विदेशी पूंजी को खुदरा व्यापार में निवेश की छूट देकर और उत्तर प्रदेश सरकार ने वालमार्ट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को इसी आधार पर स्टोर खोलने की अनुमति देकर स्थानीय व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनने की योजना बना ली है। सूबे के लाखों व्यापारियों का रोजगार छीनकर उन्हें व उनसे जुडे सेवकों के रोजगार पर चोट पहुंचाकर निजी व्यापारी साम्राज्य स्थापित करने वाली ये कंपनियां प्रतिफल स्वरूप केंद्र व प्रदेश सरकार को उपकृत करेंगी। अब समय है कि सभी व्यापारी अपने मतभेद भुलाकर विदेशी निवेश का विरोध करें। हमें व्यापारियों को याद दिलाना है कि उत्तर प्रदेश में एकमात्र समाजवादी व्यापार सभा ऐसा संगठन है जो प्रदेश के व्यापारियों की भलाई के लिए संघर्ष कर रहा है।

हमें यह कहने की जरूरत नहीं है कि व्यापारी व लघु उद्यमी हम पर विश्वास करते हैं क्योंकि समाजवादी पार्टी के मा. राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव जब-जब मुख्यमंत्री बने उन्होंने व्यापारियों की कठिनाइयों को समझा और समाधान किया। वहीं बाकी सभी दलों ने वायदे किए परन्तु निभाया कुछ भी नहीं। हमारे नेता जी ने जितना कहा उससे सौ गुना कर के दिखाया। व्यापारी हमारी बात पर गम्भीरता से विश्वास करता है। यहाँ तक कि गारन्टी की हद तक हम पर भरोसा किया जाता है। आज भी कोई दो दर्जन अधिक व्यापारी संगठनों के बीच अकेली समाजवादी व्यापार सभा व्यापारियों की कठिनाइयों को समझ रही है। उन्हें दूर कराने के लिए लड़ाई लड़ रही है। हमारी सरकार बनी तो सभी कठिनाइयां दूर हो जाएंगी। आप सभी व्यापारियों की मान्यता है।

हमारे सभी आंदोलन अहिंसक रहने चाहिए। धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण परंतु तेवर के साथ होंगे। हम व्यवस्था परिवर्तन के लिए व्याकुल हैं। बेईमान सरकार को बर्दाशत करना एक दिन भी भारी होता है। केंद्र की प्रदेश के साथ ऐसी क्या सांठगांठ है कि राजभवन मंत्रियों के आचरण, हत्याएं एवं लूट की घटनाओं पर चुप्पी साधे है। गोली चलाकर बंदूक फेंक देने से अपराध का कलंक धुल नहीं जाता है। अपने मंत्रियों, विधायकों व गुर्गों से साढ़े चार साल अपराध कराकर उन्हें पार्टी से निकाल देने की चतुरता को जनता बाखूबी समझती है।

कबीरदास जी ने कहा है कि ‘बार-बार के मूढ़न से भेड़ न बैकुंठ जाए’। यदि जिले को छोटा करना ही विकास का मंत्र होता तो सभी तहसीलों को जिला घोषित कर दिया जाए। यदि कलेक्टर और कप्तान के कार्यालय हमारे मोहल्ले में बन जाने से विकास होता तो वर्तमान के जिलाधिकारीव व पुलिस अधीक्षक के कार्यालयों के एक-दो किलोमीटर के दायरे में ही टूटी सड़कें व गले से चेन झपट लेने की घटनाएं न होतीं। ‘बेबी’ आ गया पर लालन-पोषण के लिए सामग्री नहीं है तो कुपोषण से मर जाएगा। हम तो कहते हैं कि जिले बनाए हैं तो विकास व मूलभूत ढांचे के लिए तुरंत धन भेजो। प्रत्येक नए जिले में औधोगिक केन्द्र की संरचना कर उन्हें बिजली व समतल सड़क दो, परन्तु यह होने वाला नहीं।

सभी की जुबान पर एक ही बात है कि जिले तो बन गए परंतु विकास समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ही होगा। पहले भी जिले बने, उनको भी आधारभूत ढांचा श्री मुलायम सिंह यादव जी के मुख्यमंत्री बनने पर मिला। साथियों, ध्यान रहे राजतिलक वीरों का ही होता है। योद्धा ही जीत का वाहक है। देश के नौजवान ही क्रान्ति तथा समाजवादी विचारधारा के योद्धा हैं। आप ही वर्तमान तानाशाह, गरीबों व व्यापारियों की विरोधी सरकार को बदलकर समाजवादी पार्टी की सरकार को बनाने के लिए संघर्ष कर रहे योद्धा हैं। मैं आप सभी को ‘विजयीभव’ की शुभकामनाएं देता हूं।

 

लेखक गोपाल अग्रवाल समाजवादी आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। इन दिनों समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति के हिस्से हैं तथा समाजवादी व्‍यापार सभा यूपी के अध्‍यक्षत हैं. मेरठ निवासी गोपाल से संपर्क [email protected]  के जरिए किया जा सकता है।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

You May Also Like

ये दुनिया

रामकृष्ण परमहंस को मरने के पहले गले का कैंसर हो गया। तो बड़ा कष्ट था। और बड़ा कष्ट था भोजन करने में, पानी भी...

सोशल मीडिया

यहां लड़की पैदा होने पर बजती है थाली. गर्भ में मारे जाते हैं लड़के. राजस्थान के पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में बाड़मेर के समदड़ी क्षेत्र...

दुख-सुख

: बस में अश्लीलता के लाइव टेलीकास्ट को एन्जॉय कर रहे यात्रियों को यूं नसीहत दी उस पीड़ित लड़की ने : Sanjna Gupta :...

ये दुनिया

बुद्ध ने कहा है, कि न कोई परमात्मा है, न कोई आकाश में बैठा हुआ नियंता है। तो साधक क्या करें? तो बुद्ध ने...