चंडीगढ़। पूर्व केंद्रीय दूर संचार मंत्री सुखराम सीटी एंजियोग्राफी कराने के दौरान कोमा में चले गए हैं। दिल्ली की एक अदालत में सुखराम के वकील ने कहा कि वो चलने फिरने की स्थिति में नहीं हैं इसलिए समर्पण नहीं कर सकते।
पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में दूरसंचार मंत्री रहे सुखराम, हिमाचल की मंडी संसदीय सीट से सांसद रहे और 1993 के दूरसंचार घोटाले में उन्हें दोषी करार दिया गया था। उस वक्त हुई जांचों में सीबीआई ने उनके मंडी स्थिति ठिकानों से करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये बरामद किए थे।
इस घोटाले के अन्य दो आरोपी रूपू घोष और पी रामा राव ने अदालत में समर्पण कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी दोषियों को ट्रायल कोर्ट में समर्पण करके वहां से जमानत लेने का आदेश दिया था। मामले की सुनवाई शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।


