राजस्थान की राजनीति में बवंडर लाने वाले भंवरी देवी केस में नया मोड़ आ गया है. पिछले सैंतीस दिनों से लापता भंवरी को पुलिस और परिजन मरा हुआ मान चुके थे, परन्तु एक गुमनाम खत ने भंवरी को जिंदा कर दिया है. पुलिस अब इस खत की सच्चाई जानने की कोशिशों में जुट गई है. इस गुमनाम खत में लिखा है कि भंवरी जिंदा है और हरियाणा में है. उसे एक कद्दावर राजनेता ने बंधक बनाकर रखा है. इस खत के बाद जोधपुर पुलिस की परेशानी और बढ़ गई है. अभी आसपास ही इस मामले में हाथ पैर मार रही पुलिस को अब हरियाणा की दूरी भी नापनी पड़ेगी.
इस खत में और भी खुलासे किए गए हैं. भंवरी के पति अमरचंद को जब इस खत के बारे में पता चला तो उसे पत्नी के जिंदा होने की उम्मीद जगी है. पर अब तक मंत्री महिपाल मदेरणा का नाम ले रहा अमरचंद हरियाणा के नेता का नाम आने पर लूनी के विधायक मलखान विश्नोई पर भी अपना शक जाहिर कर रहा है. उसका कहना है कि अगर खत में लिखी गई बात सच है तो कहीं ना कहीं इस अपहरण में मलखान विश्नोई मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं क्यों कि मदेरणा के हरियाणा के नेताओं से इतने रिश्ते नहीं हैं, जितने मलखान के हैं. हालांकि पुलिस अब इस खत के आधार पर अपनी जांच की दिशा हरियाणा करने की रणनीति पर विचार कर रही है.


